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अडानी ग्रुप के साथ मिलकर सेना के लिए AK-103 राइफल को तैयार करने का रूस का प्रस्‍ताव सरकार ने किया खारिज

By Richa Bajpai
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    नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार की ओर से रूस के उस प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया गया है जिसमें अडानी ग्रुप के साथ मिलकर सेना के लिए एके-103 राइफलों का उत्‍पादन करने का अनुरोध किया गया था। सेना के लिए 3,000 करोड़ रुपए की लागत से इन राइफलों का निर्माण होना है। खास बात है कि सरकार की तरफ से इस अनुरोध को ऐसे समय में ठुकराया गया है जब विपक्ष फ्रांस के साथ हुई राफेल फाइटर जेट की डील को लगातार सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अप्रैल माह में दोनों देशों की सरकार इस बात को लेकर रजामंद हुई थीं कि रूस की कंपनी के बीच कलाशनिकोव कंसर्न सिर्फ सरकार के स्‍वामित्‍व वाली ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों के साथ ही मिलकर इन राइफल्‍स का निर्माण कर सकेगी। इंग्लिश डेली इंडियन एक्‍सप्रेस की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।

    ak 103

    राफेल डील में घिरी है सरकार

    रक्षा मंत्रालय से जुड़ी सूत्रों की ओर से जानकारी दी गई है कि पिछले माह सरकार ने रूस के इस प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया है। सरकार ने इस प्रस्‍ताव को यह कहते हुए खारिज किया है कि किसी भी विदेशी वेंडर के पास यह विकल्‍प नहीं है कि वह भारतीय कंपनी को ज्‍वॉइन्‍ट मैन्‍यूफैक्‍चरिंग के तौर पर पार्टनर के लिए चुन सके और इसमें टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि रूस को इस बात की जानकारी दे दी गई है कि अगर उन्‍हें अडानी को अपना पार्टनर चुनना है तो फिर उन्‍हें टेंडर के जरिए आगे आना होगा। इसके अलावा मेक इन इंडिया प्रोग्राम के जरिए सरकार प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देना चाहती थी लेकिन राजनीति विवादो के चलते सरकार की राह में मुश्किलें आने लगी हैं। राफेल फाइटर जेट की डील जो रिलायंस डिफेंस और डसॉल्‍ट एविएशन के बीच हुई थी, वह विवादों में आ चुकी है।

    छह लाख राइफल्‍स के लिए डील 

    अंतर-सरकारी समझौते के तहत छह लाख एके-103 राइफल खरीदने पर सहमति बनी है जिसमें एक राइफल की कीमत 50,000 है। इस समझौते को पिछले वर्ष अप्रैल में आगे बढ़ाया गया था जब रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण रूस के दौरे पर गई थीं। उस समय इस बात को लेकर आपसी सहमति बनी थी कि भारत की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को रूस की कंपनी के साथ साझीदार बनाया जाएगा। जुलाई में रूस की ओर से यह अनुरोध सरकार को भेजा गया कि उसे इस समझौते के लिए अडानी को साझीदार बनाने की मंजूरी दी जाए। एक-103, एके-47 राइफल का आधुनिक वर्जन है। एके-47 अभी सेना, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज प्रयोग करती हैं।

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    English summary
    Government turns down Russia's request to make Adani Group partner for the joint manufacture of AK-103 rifles for Indian Army.

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