पत्नी पर शोषण करने वाले NRI पतियों के खिलाफ कानून लाने की तैयारी में सरकार
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नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा का संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में सरकार एक बिल लेकर आएगी जिसमे उन महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी, जिनके एनआरआई पति शादी के बाद उन्हें छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए हम उन तमाम महिलाओं को सुरक्षा देने की कोशिश करेंगे जो एनआरआई व्यक्ति से शादी करती हैं। इस बाबत स्वराज ने कहा कि हमने इसके लिए पहले से ही कोशिशें शुरू कर दी हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि जो एनआरआई पति अपनी पत्नियों को छोड़ देते हैं हमने उनके खिलाफ पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है और पिछले कुछ समय में 25 लोगों का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है। लेकिन अब हम इस बाबत एक कानून भी लाने जा रहे हैं, जिससे कि महिलाओं को और भी बेहतर सुरक्षा मिलेगी। सुषमा स्वराज ने यह बयान हैदराबाद में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार के दौरान किया है। गौर करने वाली बात है कि 13 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। याचिक में मांग की गई थी कि जो एनआरआई पति अपनी पत्नियों को दहेज के लिए छोड़ देते हैं और उनके साथ शोषण करते हैं उनकी गिरफ्तारी को अनिवार्य किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच जिसमे जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। इस याचिका मे पत्नियों को वित्तीय मदद, कानूनी मदद देने की भी मांग की गई थी। आपको बता दें कि महिलाओं के एक गुट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जब उनके एनआरआई पतियों ने उन्हें छोड़ दिया था। महिलाओ ने मांग की थी कि उनके पतियों के साथ उनके करीबी रिश्तेदारों को भी गिरफ्तार किया जाए और हमे कानूनी मदद दी जाए।












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