चीन द्वारा जासूसी मामले पर सरकार ने लिया सख्त एक्शन, एस जयशंकर ने केसी वेणुगोपाल को किया आश्वस्त
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। चीन रोजाना भारत के खिलाफ नई साजिश रच रहा है, हाल ही में अपनी कंपनियों द्वारा भारतीय नेताओं की जासूसी की खबर सामने आने के बाद से खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। इस मामले को भारत सरकार ने चीनी राजदूत के सामने भी उठाया है। हालांकि हर बार की तरह इस बार भी चीन ने जासूसी करने या कराने की बात से साफ इनकार किया है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पत्र लिखकर यह जानकारी कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल को दी है।
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संसद के मानसून सत्र में बार-बार चीन को लेकर विपक्ष के सवालों पर गुरुवार को एस जयशंकर ने जवाब दिया। के सी वेणुगोपाल को लिखे पत्र में एस जयशंकर ने बताया, सरकार द्वारा नेशनल साइबर सिक्यॉरिटी को-ऑर्डिनेशन के तहत एक विशेषज्ञों की समिति का भी गठन किया गया है। ये समिति चीन द्वारा जासूसी कराए जाने के सच का पता लगाएगी। हमने यह मुद्दा चीन के विदेश मंत्रालय के सामने भी उठाया है। इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन के राजदूत के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया।
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एक जयशंकर ने लिखा, 'बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी चीनी विदेश मंत्रालय के समक्ष इस मामले को उठाया है। लेकिन इसके जवाब में चीन सरकार ने कहा कि शेनजेन जेन्हुआ एक निजी कंपनी है। इसका चीन सरकार से कोई संबंध नहीं है।' केंद्रीय मंत्री ने पत्र में आगे लिखा, शेनजेन जेन्हुआ कंपनी के एक प्रतिनिधि ने बताया कि डेटा मुक्त स्त्रोत के लिए गए है, कंपनी ने गोपनीय सूत्रों से भारतीय नेताओं की निजी जानकारियां हासिल किए जाने की बात से साफ इनकार किया है। वहीं, सरकार द्वारा गठित समिति चीन की कंपनी शेनजेन जेन्हुआ पर भारत की प्रमुख हस्तियों की जासूसी मामले की जांच करेगी।












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