लापता AN-32 में किसी के भी जिंदा होने की संभावना कम- केंद्र सरकार
नई दिल्ली। हाल ही में लापता एएन-32 एयरक्राफ्ट में किसी के भी जिंदा बचे होने की संभावना से सरकार ने इनकार किया है। गत 22 जुलाई को गायब हुए इस एयरक्राफ्ट के मामले में आज लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि किसी के भी जिंदा रहने की संभावना बहुत कम है। भारतीय वायुसेना के इस विमान में कुल 23 लोग सवार थे, जो बंगाल की खाड़ी के पास 22 जुलाई को गायब हो गया था।

राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने प्रश्नकाल में जवाब देत हुए कहा कि इस हादसे में किसी के भी बचने की संभावना बहुत कम है। मंत्री डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई व ऐआईएडीएमके के सदस्यों के सवालों के जवाब में यह बयान दिया। हालांकि सुभाष भामरे ने कहा कि जबतक विमान का मलबा नहीं मिलता हम उसकी तलाश जारी रखेंगे।
भामरे ने कहा कि कई एयरक्राफ्ट जिसमें हेलीकॉप्टर, अन्य एयर फोर्स व कोस्ट गार्ड के जवानों को इसकी तलाश में लगाया गया है। मालवाहक जहाज व मछुआरों से भी मदद के लिए आगे आने को कहा गया है। इस तलाश में कुल 30 तैरते मलबे मिले लेकिन किसी के भी एन-32 का मलबा होने का पुख्ता सबूत नहीं मिला है। मलबे को ढूंढने में आने वाली मुश्किलों के बारे में बताते हुए भामरे ने कहा कि मलेशिया के एमएच370 के मलबे को ढूंढने में काफी समय लग गया, 8 मार्च 2014 से इसकी तलाश की जा रही है लेकिन आज तक वह नहीं मिल सका है।
आपको बता दें कि एन-32 पोर्ट ब्लेयर व तंबारन के रास्ते होते हुए चेन्नई आ रहा था जहां व 22 जुलाई को लापता हो गया था। इस विमान में कुल 23 लोग सवार थे, जिसमें छह क्रू मेंबर थे। लेकिन यह विमान अपने गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंच सका। इसे आखिरी बार राडार पर सुबह 9 बजे देखा गया था। अपने लिखित जवाब में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि वायुसेना के कुल 7 विमान वर्ष 2013-14 में क्रैश हुए हैं। जबकि 2014-15 में 10 व 2015-16 के बीच छह विमान हादसे का शिकार हुए हैं।












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