दाऊद पर बार-बार क्यों बोल रही है सरकार
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अब लगने लगा है कि दाऊद इब्राहिम के ठिकाने को लेकर सरकार में किसी स्तर पर तालमेल नहीं है। दरअसल राजधानी के सरकारी विभागों में कैबिनेट मंत्री को तो बड़े-छोटे सभी अधिकारी तथा कर्मचारी कैबिनेट मंत्री ही कहते हैं। पर राज्य मंत्री को जूनियर मंत्री कहने की रिवायत है।

दाऊद इब्राहिम के मसले पर जूनियर मंत्रियों और सीनियर मंत्री को बोलना पड़ा। इससे लगता है कि दाऊद को लेकर सरकार के पास कोई साफ नीति नहीं है। दाऊद के पाकिस्तान में होने पर सोमवार को गृह मंत्री ने राजनाथ सिंह ने संसद में कहा दाऊद को लेकर भारत के पास पुख्ता जानकारियां है। पाकिस्तान को उसे भारत को सौंपना चाहिए।
कहां है ठिकाना
पिछले मंगलवार को सरकार ने दाऊद इब्राहीम के बारे में संसद में कहा था कि उसके ठिकाने को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री हरिभाई चौधरी के इस बयान को सुनकर संसद सन्न हो गई थी। जब सरकार की छीछालीदर हुई तो गृह मंत्रालय में एक दूसरे गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दाऊद तो पाकिस्तान में ही है।
रायगढ़ में पूछताछ
वन इंडिया ने भी पिछले दिनों लिखा था कि सुरक्षा एजेंसियों को उसके ठिकाने का पता लगाने के संबंध में उसके मुंबई और महाराष्ट्र के रायगढ़ में रहनेवाले करीबियों से पूछताछ करने में क्या परेशानी है। दाऊद का छोटा भाई इकबाल मुंबई के मुसाफिरखाना नाम के इलाके में रहता है। दाऊद के बहुत से संबंधी महाराष्ट्र के रायगढ़ में रहते हैं। दरअसल दाऊद रायगढ़ से ही आता है। उसका परिवार मुंबई में करीब 50 साल पहले बस गया था।
सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगी जानकारी
कायदे से सुरक्षा एजेंसियों को उसके करीबियों से बात करनी चाहिए। उनसे बातचीत करने पर दाऊद के ठिकाने के संबंध में जानकारी मिल जाएगी। क्या सुरक्षा एजेसियां इस तरह की कोई कार्रवाई कर रही हैं?












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