ओडिशा में सरकारी सुविधाएं तक पहुंच होगी आसान, उड़िया भाषा को बढ़ावा देने की उठी मांग
भुवनेश्वर में पहला विश्व उड़िया भाषा सम्मेलन सोमवार को समाप्त हो गया। समापन संबोधन देते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घोषणा की कि विश्व ओडिया भाषा सम्मेलन हर पांच साल में एक बार आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर सीाएम ने छात्रों, युवा समुदाय, लेखकों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और कवियों को धन्यवाद दिया और कहा कि इन तीन दिनों के दौरान ओडिया भाषा के विभिन्न पहलुओं पर चर्च होती रहेगी।
सीएम नवीन पटनायक ने कहा कि चूंकि विधानसभा का सत्र चल रहा है, इसलिए उन्होंने कहा कि भाषा को लेकर लिए गए सभी निर्णयों की घोषणा विधानसभा में की जाएगी।

भाषा पर वैज्ञानिक ज्ञान के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए सीएम नवीन ने कहा कि तकनीकी प्रगति, वैज्ञानिक ज्ञान और कंप्यूटर भाषा में प्रगति वर्तमान युग में भाषा के लिए एक प्रमुख चुनौती है। इसलिए उनकी राय थी कि उड़िया भाषा को इसके साथ एकीकृत किया जाना चाहिए। सम्मेलन के अवसर पर प्रदर्शित संग्रहालय ने सभी के दिल को छू लिया है। इसलिए, अनुरोध पर, उन्होंने घोषणा की कि संग्रहालय अगले 3 दिनों तक जनता के देखने के लिए खुला रहेगा।
प्रथम विश्व ओड़िया भाषा सम्मेलन को राज्य के इतिहास में सदैव मील का पत्थर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 साल बाद एक बार फिर सभी लोग एकजुट होकर ओड़िया भाषा को आगे बढ़ाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
सीएम ने कहा कि छात्रों के अंदर प्रतिभा को निखारने का भरपूर मौक मिल रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने तीन पुस्तकों का विमोचन किया












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