सरकार ने आरटीआई में किए ये बदलाव, कांग्रेस ने कहा- BJP खत्म करना चाहती है कानून
सरकार ने सूचना का अधिकार नियम 2017 में बदलाव किए हैं। इन बदलावों को आरटीआई कार्यकर्ता घातक बता रहे हैं
नई दिल्ली। केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने सूचना का अधिकार-2005 में कुछ बदलाव प्रस्तावित किए हैं। इनमें एक बदलाव यह भी शामिल है कि यदि सूचना मांगने वाले शख्स की मौत हो जाती है तो उसकी ओर से की गई याचिका की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
RTI नियम 2017 में सरकार ने 12 वें नियम के क्लॉज दो में लिखा है कि आयोग के समक्ष लंबित प्रक्रिया को याची के निधन के बाद खत्म कर दिया जाएगा।

ये है प्रस्ताव
सरकार के इस प्रस्ताव को सूचना का अधिकार कार्यकर्ताओं ने 'अपीलकर्ताओं के लिए खतरनाक' बताया है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार आरटीआई कार्यकार्ता सुभाष अग्रवाल ने कहा कि CIC और अन्य निकायों द्वारा बीती कुछ घोषणाओं में कहा गया है कि यदि किसी मामले में याची का निधन हो जाता है तो जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन इस नए प्रावधान में प्रभावी रूप से खत्म ही कर देगा। ऐसे में किसी विशेष पूछताछ के , किसी आरटीआई कार्यकर्ता की हत्याएं शुरू हो जाएंगी।

हुए हैं 130 हमले
एक अन्य आरटीआई कार्यकर्ता कमोडोर लोकेश बत्रा ने कहा कि ये मुद्दे पहले सरकार और अन्य सामाजिक संस्थाओं के बीच बात हो चुकी है। दिल्ली के एक एनजीओं के अनुसार बीते साल पूरे देश भर में 56 आरटीआई कार्यकर्ताओं की मौत हुई। जिसमें 51 हत्या और 5 आत्महत्या शामिल है। दावा है कि 130 आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमले हुए हैं।

पहले क्लॉज में कहा है
वहीं 12वें नियम के ही क्लॉज 1 में लिखा है कि कोई याची चाहे तो अपनी अपील CIC को लिखित में देकर वापस ले सकता है। अगर याचिका पर कोई फैसला सुना दिया गया तो उसके बाद कोई भी अपील स्वीकार नहीं की जाएगी। इस क्लॉज के बारे कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह जरूरी नहीं है । इसे याचिकाकर्ता पर छोड़ दिया जाना चाहिए कि वो मामले को प्रोसिडिंग के दौरान आगे बढ़ाना चाहता है या नहीं।

मनीष ने किए सवाल
बता दें कि 2017 में प्रस्तावित बदलाव में फोटो कापी का शुल्क दुगना करना, आरटीआई अर्जी के 500 से अधिक शब्दों में होने पर अधिकारियों को इसे खारिज करने का अधिकार देना भी शामिल है। सरकार की ओर से किए जा रहे बदलावों पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी और अहमद पटेल ने सवाल किए हैं।












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