शराब पीने वालों का ट्रैक रिकॉर्ड रखेगी शिवराज सरकार
मद्य प्रदेश सरकार ने शराब विक्रेताओं को आदेश जारी किया है कि वो नियमित रुप से शराब खरीदने वालों का रिकॉर्ड रखे।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश को शराब से मुक्त कराने के लिए जंग छेड़ दी है। शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने पहले फैसला सुनाया कि नर्मदा नदी के 5 किमी के दायरे में मौजूद शराब की सारी दुकानें बंद की जाएगी तो वहीं अब सरकार ने नया आदेश जारी कर शराब पीने वालों के ट्रैक रिकॉर्ड को रखने की बात कही है। सरकार ने शराब की दुकानों में लगातार खरीदारी करने वाले लोगों के ट्रैक रिकॉर्ड को मेंटेन करने की बात कही है। मध्य प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा है कि शराब कारोबारी को आदेश दिया गया है कि वो ऐसा लोगों के नामों की लिस्ट तैयार करें जो लगातार शराब खरीदते हैं। OMG! अजगर कर रहा था कुत्ते के बच्चों की रखवाली,जानें वजह

ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद उन लोगों को पता लगाना है जो नियमित तौर पर शराब का सेवन करते हैं या जिन्हें शराब की लत लगी हुई हैं। ऐसा करने के बाद उन लोगों की लत छुड़वाने के लिए सरकार अलगा कदम उठाएगी। हलांकि सरकार ने शराबबंदी की अटकलों को नकार दिया। सरकार ने कहा है कि उनका मकसद लोगों में शराब की लत को कम करना है।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी के किनारे से 5 किलोमीटर की दायरे में आने वाली सभी शराब की दुकानों को अगले वित्तीय वर्ष से बंद करने का फैसला कर दिया है। जिसमें करीब 58 शराब की दुकानें हैं, जिन्हें बंद करने की नौबत आएगी। इतना ही नहीं शिवराज सरकार ने फैसला किया है कि इस साल से कोई भी नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश सरकार ने ड्रिंक एंड ड्राइव के कानून को भी सख्त कर दिया है। जिसके तहत पहली बार नशे में गाड़ी चलाने पर 6 महीने और दूसरी बार नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर 2 साल के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का फैसला किया गया है।












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