देश के हर गांव तक बिजली पहुंच जाने के मोदी के दावे पर सरकार की सफाई
नई दिल्ली। पीएम मोदी के देश के सभी गांवों में बिजली पहुंच जाने के दावे को लेकर विपक्ष के निशाना साधने और जमीनपर इस बात के सच ना साबित होने के बाद सरकार ने इस पर सफाई दी है। सरकार की ओर से जारी स्टेटमेंट में कहा गया है कि गांवों के विद्युतीकरण को लेकर जो परिभाषा है उसके मुताबिक गांव में 10 फीसदी घरों तक बिजली पहुंचना जरूरी है लेकिन हम इसे दस फीसदी तक नहीं रोकना चाहते हैं। गांवों में अलग-अलग राज्यों 82 फीसदी से ज्यादा जगहों पर 82 से 100 फीसदी तक बिजली है। सरकार हर घर तक बिजली पहुंचाना चाहती है और इसके लिए ही 'प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना' लाई गई है। इस योजना के तहत साल 2018 के आखिर तक हर घर तक बिजली पहुंचाई जाएगी।

ये कहा था पीएम मोदी ने
पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ट्वीट कर देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचने का दावा किया था। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि मणिपुर के लेइसांग गांव समेत देश के ऐसे तमाम गांवों में बिजली पहुंच चुकी है, जो अब तक रोशनी से अछूते थे। अब यह गांव भी दूधिया रोशनी से नहा उठा है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'भारत की विकास यात्रा में 28 अप्रैल 2018 एक ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाएगा। कल हमने एक वादा पूरा किया, जिससे कई भारतीयों का जीवन हमेशा के लिए बदल जाएगा। मुझे इस बात की खुशी है कि भारत के हर गांव में बिजली पहुंच गई है।'

कुछ और निकली सच्चाई
पीएम मोदी के दावे के बाद मीडिया में इसको लेकर जो रिपोर्ट आईं उन्होंने पीएम मोदी के दावे को गलत साबित कर दिया। सामने आया कि कई राज्यों में हजारों गांव ऐसे हैं जिन तक बिजली नहीं पहुंची है। कई सरकारी आंकड़ें भी मोदी की बात को झुंठलाते दिखे। विपक्ष ने भी इस पर मोदी को आड़े हाथों लिया। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर काफी तंज कसे गए।

राहुल ने कहा ये एक और जुमला है
देश के सभी गांवों में बिजली पहुंच जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के एक दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम की घोषणा को झूठ करार दिया। राहुल ने गांवों में बिजली पहुंचाए जाने से जुड़ी एक खबर को पोस्ट करते हुए ट्वीट किया कि एक और झूठ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इसे सरकार का एक और जुमला करार दिया।












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