लॉकडाउन से पहले बुक कराई थी एयरलाइन टिकट तो आई अच्छी खबर, पूरा पैसा होगा रिफंड
नई दिल्ली। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था। देशबंदी के दौरान यातायात के सभी साधनों पर रोक लगा दी गई और लोगों को आपातकालीन स्थिति में ही घरों से बाहर निकलने की अनुमति दी गई है। इस बीच एयरलाइन सुविधाओं पर भी अनिश्चित काल तक प्रतिबंध लगने से लॉकडाउन से पहले बुक की गई सभी टिकटों को रद्द कर दिया गया था। अगर आपने ने भी ऐसी कोई बुकिंग की थी तो आपके लिए डीजीसीए की तरफ से एक अच्छी खबर आई है।

घरेलू, अंतरराष्ट्रीय टिकटों की हुई थी बुकिंग
दरअसल, रविवार को सुप्रीम कोर्ट में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया कि कि लॉकडाउन के पहले दो चरणों यानी 25 मार्च से 3 मई के बीच के एयरलाइन टिकट (घरेलू, अंतरराष्ट्रीय) का पूरा रिफंड किया जाएगा। रिफंड किए जाने वाले पैसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर बुक होने वाली टिकटों के होंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक DGCA की तरफ से यह जानकारी 13 जून को कोर्ट के आदेश के बाद दी गई है।

इस तारीख के बीच बुक हुई टिकटों का पैसा होगा रिफंड
गौरतलब है कि कोरोना वायरस संकट में अचानक लॉकडाउन की घोषणा होने से लोगों की सभी यात्राओं को रद्द कर दिया गया। लॉकडाउन से पहले रेलवे और विमान सेवा जारी होने की वजह से टिकटें भी स्वीकार की जा रही थीं। ऐसे में कई लोगों ने जनवरी और फरवरी में ही 25 मार्च के बाद की यात्रा के लिए टिकट बुक करा लिया था, जिसे लॉकडाउन के बाद रद्द करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया आदेश
टिकटों पैसे वापस करने को लेकर प्राइवेट एयरलाइंस के साथ नागर विमानन मंत्रालय को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि वह पैसेंजर्स के टिकट के पैसे रिफंड करने का कोई रास्ता निकालें, जिसे लॉकडाउन के चलते कैंसिल कर दिया गया था। DGCA ने अपने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन से पहले बुक किए गए टिकटों का रिफंड नहीं करना और पैसेंजर्स की मर्जी के बिना क्रेडिट शेल बना देना नियमों का उल्लंघन है।

केंद्र सरकार ने पेश किया प्रस्ताव
टिकटों के पैसे रिफंड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि कुछ पैसेंजर्स एक तय समय के अंदर इस्तेमाल करने के इच्छुक नहीं है। उड़ाने कैंसिल होने के बाद उन्हें पूरा रिफंड दिया जाना चाहिए। पैसेंजर्स को उनके पैसे वापस करने के लिए केंद्र सरकार ने एक प्रस्ताव भी पेश किया है जिसमें एयरलाइन कंपनियों से कहा गया है कि वह 5 दिनों के भीतर पूरी राशि वापस दें, यदि कोई एयरलाइन वित्तीय संकट में है और ऐसा करने में असमर्थ है तो उसे 31 मार्च, 2021 तक यात्रियों की पसंद की यात्रा क्रेडिट शेल प्रदान किया जाना चाहिए।

महंगी हुई हवाई यात्रा
बता दें कि एक सितंबर से विमान से सफर करना आपके लिए महंगा हो गया है। एविएशन मिनिस्ट्री ने 1 सितंबर से यात्रियों के लिए विमानन सुरक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की है। 1 सितंबर से नए चार्ज लागू हो गए हैं। आज से यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए ज्यादा फीस भरनी होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 1 सितंबर से विमान सेवाओं के लिए ASF शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। एविएशन मंत्रालय ने 1 सितंबर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रियों के लिए विमानन सुरक्षा शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। अब यात्रियों को पहले से 10 रुपए अधिक ASF शुल्क चुकाने होंगे। आपको बता दें कि विमानन सुरक्षा शुल्क एयरलाइंस कंपनियां टिकटों की बुकिंग के दौरान ही जमा करवा लेती है। टिकट बुकिंग के दौरान आपके द्वारा भुगतान किए गए ASF शुल्क का इस्तेमाल एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी और उसकी सुरक्षा के लिए खर्च किया जाता है।
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