मोदी सरकार में किस-किस के आए अच्छे दिन
नरेंद्र मोदी सरकार आने से पहले ही भाजपा ने अच्छे दिनों के गुणगान शुरू कर दिए थे। विज्ञापनों से लेकर दीवारों पर चिपके पोस्टरों से लेकर सोशल मीडिया तक अच्छे दिन और अच्छे दिन ही छाए हुए थे। खुद नरेंद्र मोदी मध्य वर्ग से अच्छे दिन लाने का वादा करके भाजपा को सत्ता में लाए हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी काल के सौ दिन बीत चुके हैं इसमें किसके अच्छे दिन और किसके तकलीफ भरे दिन हैं। जानिए इस फोटो फीचर के जरिएः

उद्योग या घर
नरेंद्र मोदी सरकार आते ही औद्योग जगत के लिए खुशखबरियां लेकर आई है। एफडीआई को बढ़ावा मिला है, उद्योगों को विशेष छूट देने की बात की जा रही है। अभी जापान यात्रा पर भी विदेश मंत्री को नहीं बल्कि देश के बड़े उद्योगपतियों को साथ ले जाना यही दर्शाता है। वहीं देश के आज भी कई गांव बिना-बिजली पानी के अपनी जिदंगी काट रहे हैं।

अमित शाह
कोई इस बात का अंदाजा लगा सकता था कि अगर मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते तो क्या कभी अमित शाह को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता। शायद इसके विरोध में कई खड़े होते। यह मोदी ही हैं जो अमित शाह के अच्छे दिन आए और तुलसी प्रजापति फर्जी एनकाउंटर में उनके मुद्दे को भी ठंडे बस्ते में डलवा दिया गया।

नेता और अपराध
भले ही नरेंद्र मोदी सरकार अपराध पर बहुत कुछ करना चाह रही है लेकिन उसने अभी तक बयान और अच्छे-अच्छे भाषणों के अलावा उनके लिए कुछ भी नहीं किया है जिन नेताओं पर अपराधिक मामले हैं। वहीं महिला सुरक्षा पर भी को विशेष ध्यान नहीं, लगातार रेप के मामले और पीड़िताओं को लेकर उल्टी-सीधी बयान बाजी। यानी कि अपराधियों औऱ नेताओं के तो अच्छे दिन तो आ ही गए हैं।

बुलेट ट्रेन
नरेंद्र मोदी सबसे पहले बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया है लेकिन क्या इससे आम समाज की जरूरत पूरी हो जाएगी। जिस देश में आज भी ऐसी क्लास में बैठना सपना हो वह समाज बुलेट ट्रेन जैसी महंगी ट्रेन का खर्च कैसे उठा पाएगा। यानी यहां अच्छे दिन उनके आए हैं जो मध्यम वर्ग में नहीं आते।












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