Gold Bond: अगर निवेश के लिए खरीदना है, तो यहां से खरीदें सस्ता सोना!

बेंगलुरू। पारंपरिक भारतीय निवेश के लिए आज भी सबसे अधिक गोल्ड पर भरोसा करते हैं। सोना महंगा हो या सस्ता भारतीय निवेश के लिए गोल्ड से उपयुक्त किसी और को नहीं मानते हैं। पिछले कुछ महीनों में गोल्ड की आसमान छूती कीमतों ने भले ही लोगों के हाथ-पांव फुला दिए हैं, लेकिन कहते हैं जब गोल्ड के भाव आसमान छू रहे हों तो गोल्ड में निवेश का समय सबसे उपयुक्त होता है। हालांकि पारंपरिक भारतीय आज भी सोने के आभूषण में निवेश करना पसंद करते हैं, जिसमें जोखिम (चोरी-डकैती) और अशुद्धता (आभूषणों की बिक्री 25% कटौती) की संभावना हमेशा बनी रहती है।

Gold bond

अगर आप भी गोल्ड को इनवेस्टमेंट के लिहाज से खरीदने की कोशिश में हैं, तो आपके सिए भारत सरकार द्वारा लांच किए गए सॉवरेन गोल्ड बांड योजना एक बेहतर विकल्प हो सकता है, जहां आपको प्रति ग्राम गोल्ड महज 3890 रुपए में उपलब्ध है। यही नही, अगर आप इस योजना के तहत गोल्ड ऑनलाइन खरीदते हैं, तो प्रतिग्राम सोने की खरीद पर एक्स्ट्रा 50 रुपए की छूट भी मिलेगी। यानी प्रतिग्राम ऑनलाइन सोना 3840 रुपए में खरीद सकेंगे। इस स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति न्यूनतम 1 ग्राम सोना और अधिकतक 500 किग्रा तक सोना खरीद सकता है।

Gold bond

सोने की आयात में कमी लाने के लिए शुरू की गई योजना

सोने की आयात में कमी लाने के लिए शुरू की गई योजना

भारत सरकार ने घरेलू निवेश के एक हिस्से को वित्तीय बचत में बदलने के उद्देश्य से सरकारी स्वर्ण बांड योजना की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत गोल्ड बॉन्ड में वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) में प्रति व्यक्ति न्यूनतम निवेश एक ग्राम और अधिकतम सीमा 500 ग्राम सोना खरीद सकता है। इसके अलावा व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए निवेश की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम और ट्रस्टों और संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम रखी गई है। इस योजना की शुरूआत को उद्देश्य सोने की मांग को कम करने और पारंपरिक तरीके सोने में निवेश को हतोत्साहित करना था।

योजना के तहत खरीदे गए सोने पर मिलेगा 2.5 फीसदी ब्याज

योजना के तहत खरीदे गए सोने पर मिलेगा 2.5 फीसदी ब्याज

गोल्ड बॉन्ड की परिपक्वता का समय 8 साल होता है, जिसपर सालाना 2.5 प्रतिशत ब्याज मिलता है। इसके अलावा इस पर कोई कर कटौती नहीं होती है, लेकिन अगर बॉन्ड को 3 साल के बाद और 8 साल से पहले बेचा जाता है तो इसपर 20 फीसदी की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। वहीं, बॉन्ड की मैच्योरिटी के बाद गोल्ड बेचने पर गोल्ड बांड पर दिया जाने वाल ब्याज भी करमुक्त होता है।

बैंकों, डाकघरों व बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से खरीद सकते हैं गोल्ड

बैंकों, डाकघरों व बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से खरीद सकते हैं गोल्ड

गोल्ड में निवेश के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित गोल्ड बांड कोई भी नागरिक राष्ट्रीयकृत बैंक, एनएसई, डाकघरों और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के दफ्तर से खरीद सकता हैं। इसके साथ ही स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए भी गोल्ड बांड के जरिए सोना खरीदा जा सकता है। गोल्ड बांड के जरिए सोने में निवेश को एक सुरक्षित विकल्प है, जिससे जोखिम और सोने की शुद्धता के नाम पर कटौती से होने वाले नुकसान से बचा सकता है।

ऑनलाइन बांड खरीदने पर मिलेगी 50 रुपए अतिरिक्त छूट

ऑनलाइन बांड खरीदने पर मिलेगी 50 रुपए अतिरिक्त छूट

गोल्ड बांड योजना के तहत सोने में निवेश करने के इच्छुकों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने ऑनलाइन बांड की खरीद पर प्रति ग्राम सोने पर 50 रुपए की अतिरिक्त छूट दे रखी है। यानी मार्केट रेट कम कीमत पर पहले से मिल रहे सोने पर 50 रुपए और कम। यानी मौजूदा समय में अगर आप ऑनलाइन गोल्ड बांड खरीदते हैं तो आपको प्रतिग्राम सोने के लिए महज 3840 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन जब यही गोल्ड बांड आप बैंक या अथवा डाकघर से खरीदते हैं, तो आपको 50 रुपए चुकाने होगे। यानी कि 3890 देने होंगे।

 9 से 13 सितंबर की सीमित अवधि में खरीद सकेंगे गोल्ड बांड

9 से 13 सितंबर की सीमित अवधि में खरीद सकेंगे गोल्ड बांड

गोल्ड बांड के खरीदने की अवधि सीमित रखी गई है और सिर्फ 5 दिन के भीतर ही गोल्ड बांड खरीदा जा सकेगा। गोल्ड बांड 9 सितंबर से 13 सितंबर के बीच खरीदा जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)के मुताबिक सोमवार, 9 सितंबर को खुल रहे सरकारी स्वर्ण बांड (Gold Bond)की नई श्रृंखला के लिए कीमत 3,890 रुपए प्रति ग्राम रखा गया है। यानी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना के तहत कोई भी 3,890 रुपए प्रति ग्राम सोना खरीद सकता है।

गेम चेंजर साबित हो रही है गोल्ड बांड के तहत सोने में निवेश

गेम चेंजर साबित हो रही है गोल्ड बांड के तहत सोने में निवेश

पारंपरिक तरीके से आभूषणों की खरीदारी के जरिए सोने में निवेश खरीदार और सरकार दोनों के लिए नुकसानदायी था। एक तरफ खरीदारों को सोने की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता है। वहीं, जरूरत पड़ने पर निवेशक को सोने की महज 75 फीसदी कीमत ही मिल पाती है, क्योंकि आभूषण के रूप में खरीदे गए सोने को बेचने पर स्वर्णकार प्रतिग्राम सोने में से 25 फीसदी सोना टांके के नाम पर घटा देता है, जिससे निवेशक बड़ा नुकसान होता है जबकि गोल्ड बांड के जरिए सोने में निवेश में 2.5 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ-साथ मैच्योरिटी पर करमुक्त 100 फीसदी सोने की कीमत मिल रही है।

जोखिम और कटौती से परे है गोल्ड बांड योजना

जोखिम और कटौती से परे है गोल्ड बांड योजना

गोल्ड में निवेश के लिए उसकी की शुद्धता और सुरक्षा सबसे बड़ा मसला है। गोल्ड बांड से पहले सोने में निवेश के लिए सोने के आभूषण अथवा सोने के सिक्के ही प्रचलन में थे, लेकिन गोल्ड बांड के जरिए सोने में निवेश से सोने शुद्धता और सुरक्षा का झंझट भी खत्म हो गया है। वरना आभूषणों को सुरक्षा के लिए बैंक लॉकर पर होने वाले खर्च और उसकी चोरी होने की आशंका में मानसिक दर्द से कौन अपरिचित हैं। सोने के आभूषणों की सुरक्षा के लिए लोग आज भी पारंपरिक तरीके अपनाते हैं, जिसमे जोखिम की संभावना सबसे अधिक होती है जबकि गोल्ड बांड के जरिए निवेश सबसे सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है।

आयकर नियमों (Income tax rule) के तहत मिलेगी छूट

आयकर नियमों (Income tax rule) के तहत मिलेगी छूट

गोल्ड बांड के जरिए सोने में निवेश के तमाम फायदों के बीच एक फायदा यह भी है कि गोल्ड बांड की मियांद (Maturity) पूरी होने के बाद निवेशकों को आयकर नियमों (Income tax rule) के तहत छूट भी मिलेगी। खासकर नौकरीपेशा लोगों के लिए गोल्ड बांड योजना अधिक बेहतर इसलिए भी है, क्योंकि आयकर रिटर्न भरते वक्त गोल्ड बांड योजना में निवेश को दर्शाकर आयकर में छूट पा सकेंगे।

आशंकि रुप प्रचलन से भी बाहर हुए है सोने के आभूषण

आशंकि रुप प्रचलन से भी बाहर हुए है सोने के आभूषण

अर्बन ही नहीं, अब ग्रामीण इलाकों में भी धीरे-धीरे सोने के गहने प्रचलन से बाहर हो रहे हैं। शहरों में अब ट्रेंडी और आर्टिफिशियल गहनों को प्रचलन तेजी से बढ़ा है और बहुत कम लोगों को सोने के गहनों में देखा जा सकता है। हालांकि इसके पीछे सुरक्षा फैक्टर एक बड़ी वजह मानी जाती है। लेकिन शहर और ग्रामीण इलाकों में सोने के आभूषणों के खरीदारी के पीछे अभी भी निवेश की पारंपरिक सोच ही प्रभावी है। सोने के गहनों में निवेशित गोल्ड आज भी तिजोरी और बैंक लॉकर्स में रखे जाते है, जो नॉन प्रोडक्टिव ही नहीं होते बल्कि उसके पीछे अतिरिक्त धन और ध्यान अलग खर्च होते हैं।

गोल्ड बांड से सरकार और निवेशक दोनों को डबल फायदा

गोल्ड बांड से सरकार और निवेशक दोनों को डबल फायदा

गोल्ड बांड योजना के तहत सोने में निवेश करने से निवेशक को एक तरफ जहां सुरक्षा और जोखिम से मुक्ति मिलती है, तो दूसरी तरफ उसे निवेशित सोने पर वार्षिक 2.5 फीसदी ब्याज भी मिलता है, जो निवेशक के लिए डबल फायदा है। वहीं, गोल्ड बांड में निवेशकों की रूचि बढ़ने से फिजिकल सोने की आयात में कमी आएगी और दूसरे फिजिकल सोने की खरीदारी में कमी आने से देश की अर्थव्यवस्था में गति देने में सरकार को आसानी होगी। क्योंकि गोल्ड बांड के जरिए बाजार में रुपए का फ्लो बरकरार रहता है जबकि फिजिकल सोने में निवेश से उक्त धन अर्थव्यवस्था के लिए निष्क्रिय हो जाता है।

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