गोवा चुनाव: 2017 वाली गलती नहीं दोहराना चाहती कांग्रेस, रिजल्ट से पहले बना लिया है नया प्लान
नई दिल्ली, 7 मार्च: पांच राज्यों में वोटिंग खत्म हो चुकी है। अब सभी पार्टियों और जनता को 10 मार्च का इंतजार है, जिस दिन चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस बार तटीय राज्य गोवा में चुनाव बहुत ज्यादा दिलचस्प हो गया है, जहां बीजेपी-कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी और टीएमसी की एंट्री हो गई थी। पिछले चुनाव में कांग्रेस को अच्छी-खासी सीटें मिली थीं, लेकिन पार्टी नेताओं की गलती की वजह से कांग्रेस ने सरकार बनाने का मौका गंवा दिया। इस बार कांग्रेस पुरानी वाली गलती नहीं दोहराना चाहती है।

वोटिंग खत्म होने के बाद से ही कांग्रेस एक्टिव है। उसका मकसद है कि अगर कांग्रेस की सीटें ज्यादा आएं, तो कोई दूसरा दल उसके विधायकों को ना तोड़े। इस वजह से वरिष्ठ नेताओं को पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक ये नेता तुरंत फैसला लेने के लिए होंगे, जिसमें त्रिशंकु विधानसभाओं की स्थिति में गठबंधन और गठजोड़ शामिल हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने रणनीति बनाने के लिए बैठकें भी की हैं, ताकी पार्टी को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
आपको बता दें कि 2017 के गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 17 सीटें जीती थीं, लेकिन 13 सीटें जीतने वाली बीजेपी आगे निकल गई। उसने छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को अपने साथ मिलाकर सरकार बना ली। उसके दो साल बाद कांग्रेस के विपक्ष के नेता बाबू कावलेकर के नेतृत्व में कांग्रेस के 15 विधायक बीजेपी में चले गए। जिस वजह से कावलेकर को डिप्टी सीएम का पद मिल गया। कांग्रेस चाहती है कि ये वाली गलती दोबारा ना हो।
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क्या कह रहे एग्जिट पोल?
गोवा में काउंटिंग से पहले सोमवार शाम को एग्जिट पोल आए, जो त्रिशंकु विधानसभा की ओर इशारा कर रहे हैं। पोल ऑफ दी पोल की बात करें तो बीजेपी को 13-17 सीटें मिलती नजर आ रही हैं, जबकि कांग्रेस को 14-18 सीटें जीत सकती है। इसके अलावा टीएमसी और AAP को 2-4 सीटें मिल सकती है। वहीं छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में 2-5 सीटें जा सकती हैं।












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