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शराब के शौकीनों के लिए क्यों जन्नत है Goa? बीजेपी MLA की रोक की मांग पर पार्टी में बजा असहमति का बिगुल

BJP MLA Demands Goa Ban Alcohol: गोवा अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समुद्र तट और पार्टी संस्कृति की वजह से न केवल एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, बल्कि शराब के शौकीनों के लिए 'जन्नत' के रूप में विख्यात है। इसकी वजह, सस्ती शराब और आसानी से उपलब्धता है। वहीं, गोवा का यह रूप बीजेपी विधायक प्रेमेंद्र शेट के आंखों में खटकने लगा। तभी विधायक ने विधानसभा में शराब के सेवन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

शेट ने तर्क दिया कि विकसित भारत और विकसित गोवा के लिए गोवा में शराब के सेवन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। खास बात यह रही कि शेट की मांग पर पार्टी के अन्य विधायक असहमत नजर आए।

Goa Alcohol Ban

क्या हुआ आखिर सदन में?
दरअसल, 30 जुलाई को सदन में बोलते हुए शेट ने कहा कि विकसित भारत और विकसित गोवा के लिए गोवा में शराब की खपत पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। हम राज्य में शराब का उत्पादन कर सकते हैं और इसे दूसरे राज्यों को निर्यात कर सकते हैं, लेकिन गोवा में इसकी खपत पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। अपनी बात को पुष्ट करने के लिए, उत्तरी गोवा में मायेम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पहली बार बीजेपी विधायक ने कहा कि राज्य में शराब की बढ़ती खपत के कारण सड़कों और औद्योगिक इकाइयों में दुर्घटनाओं में लोगों की मौत होती है।
हालांकि, सदन में उनके सहकर्मी उनकी मांग से सहमत नहीं दिखे।

क्या हमें रेस्तरां बंद कर देना चाहिए? बीजेपी महिला विधायक का सवाल
बुधवार को मीडिया से बात करते हुए, बीजेपी महिला विधायक डेलिलाह लोबो ने आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या शेट चाहते हैं कि लोग अपना रेस्तरां व्यवसाय बंद कर दें। कहा कि शराब भी एक कारण है जिसके कारण पर्यटक यहां आते हैं। लोबो ने पूछा कि हमें क्या करना चाहिए... क्या हमें रेस्तरां बंद कर देना चाहिए?

आपको बता दें कि डेलिलाह लोबो अपने पति माइकल लोबो (कालंगुट विधायक) के साथ मिलकर उत्तरी गोवा के तटीय क्षेत्र में कई होटलों की मालकिन हैं।

AAP ने कहा- शराब पर प्रतिबंध संभव नहीं, रोजगार प्रभावित होगा
आप विधायक क्रूज़ सिल्वा ने कहा कि गोवा में शराब पर प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां सड़कों पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन गोवा के लोग इसमें शामिल नहीं होते। यहां बहुत सारे रेस्तरां और अन्य व्यवसाय हैं, जो शराब की बिक्री पर निर्भर हैं। शराब पर प्रतिबंध से रोजगार प्रभावित होगा।

शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने से राजस्व में इजाफा
निर्दलीय विधायक डॉ. चंद्रकांत शेट्टी ने कहा कि गोवा शराब पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता, लेकिन राज्य में इसकी खपत कम करने पर काम करने की जरूरत है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक विजय सरदेसाई ने दावा किया कि मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के कार्यकाल में शराब की दुकानों की संख्या 1,500 से बढ़कर 2,000 हो गई है, जो राजस्व में वृद्धि की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों को हर जगह खोलने की अनुमति है। शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने से आबकारी राजस्व में वृद्धि हुई है।

क्यों सस्ती है शराब?

  • करों में छूट: गोवा सरकार ने शराब पर लगने वाले टैक्स को काफी कम रखा है, जिससे इसकी कीमत कम रहती है।
  • स्थानीय उत्पादन: गोवा में शराब का स्थानीय उत्पादन भी होता है, खासकर फेनी, जो एक स्थानीय शराब है। इससे भी कीमतें कम रहती हैं।
  • प्रतिस्पर्धा: गोवा में कई बार और रेस्टोरेंट हैं, जो प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतें कम रखते हैं।

शराब के शौकीनों के लिए क्यों जन्नत है गोवा?

  • डायवर्सिटी: गोवा में शराब की एक बड़ी विविधता मिलती है, जिसमें विदेशी और देशी दोनों प्रकार की शराब शामिल हैं।
  • खुलापन: गोवा में शराब पीने को लेकर एक खुलापन है, जहां लोग बिना किसी सामाजिक दबाव के इसका आनंद ले सकते हैं।
  • समुद्र तट: समुद्र तटों पर बैठकर शराब का आनंद लेने का अपना एक अलग ही मजा है, जिसे पर्यटक और स्थानीय लोग खूब पसंद करते हैं।
  • नाइटलाइफ: गोवा की नाइटलाइफ बहुत ही प्रसिद्ध है, जहां क्लब, बार और रेस्टोरेंट देर रात तक खुले रहते हैं और लोग यहां जमकर शराब का सेवन करते हैं।

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