गुलाब नबी आजाद को श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद भेजा गया दिल्ली वापस
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने और लद्दाख को अलग करने के बाद ये पहला मौका है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद श्रीनगर पहुंचे थे, लेकिन उनको एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया है। उनके साथ जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम मीर भी मौजूद थे। वहीं, खबर आ रही है कि गुलाम नबी आजाद को दिल्ली वापस भेज दिया गया है।
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श्रीनगर में होने वाली इस बैठक में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद वहां के हालात पर चर्चा होनी थी। अनुच्छेद 370 को हटाने के प्रस्ताव पर राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने जमकर विरोध किया था। उन्होंने इसे संविधान के खिलाफ बताया था। गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर में कर्फ्यू जैसे हालात पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि बीजेपी जो बिल लेकर आई है वो घाटी के लोगों के हित में नहीं है।
इसके पहले, श्रीनगर रवाना होते वक्त पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने एनएसए अजित डोभाल की कश्मीरियों के साथ लंच करने और बातचीत करने वाली तस्वीरों पर तंज किया था, उन्होंने कहा था, 'पैसे लेकर आप किसी को भी साथ ले सकते हो। आर्टिकल 370 हटने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल कश्मीर घाटी पहुंचे थे, वहां उन्होंने हालात का जायजा लिया था।
जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और आर्टिकल 370 हटाने का कांग्रेस के नेता विरोध कर रहे हैं। हालांकि कई नेताओं ने सरकार के इस फैसले को देशहित में बताया है और इसका समर्थन किया है। मिलिंड देवड़ा, जनार्दन द्विवेदी, दीपेंद्र हुड्डा और अदिति सिंह जैसे नेताओं ने आर्टिकल 370 हटाने के समर्थन में बयान दिया था। वहीं, राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले गुना के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस बिल का समर्थन कर पार्टी को बड़ा झटका दिया था।












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