Ghulam Nabi Azad ने कहा- PM मोदी को क्रेडिट मिलना ही चाहिए, कांग्रेस की पोल खोलने पर भी बोले
Ghulam Nabi Azad ने कहा, वे कांग्रेस को पूरी तरह धराशायी नहीं करना चाहते। आजाद ने कहा कि उन्हें पीएम मोदी को क्रेडिट जरूर देना चाहिए। आजाद ने जम्मू कश्मीर और कांग्रेस के जी23 नेताओं के बारे में भी बातें की।

Ghulam Nabi Azad वेटरन कांग्रेसी के अलावा जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सांसद रह चुके हैं। गुलाम नबी आजाद ने कहा, पीएम मोदी को क्रेडिट देना ही चाहिए। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र कर कहा, कांग्रेस नेताओं से उनके मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कांग्रेस और इसकी विचारधारा से उन्हें कोई ऐतराज नहीं। आजाद ने अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35A का भी जिक्र किया।
आजाद ने कहा, वे कांग्रेस को एक्सपोज और उसे पूरी तरह धराशायी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, अपनी किताब में उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल का भी जिक्र किया।
कांग्रेस के बागी नेताओं- जिन्हें जी23 भी कहा गया, उसके बारे में भी आजाद ने कहा कि अगर ऐसा था कि कांग्रेस के कुछ नेता बीजेपी प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे थे तो उन्हें सांसद क्यों बनाया गया।
वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व का लोगों पर कोई प्रभाव नहीं
बता दें कि कांग्रेस से अलग होने के बाद गुलाम नबी आज़ाद ने जम्मू कश्मीर में डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी का गठन किया है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "नेहरू जी, राजीव गांधी, इंदिरा गांधी इस आघात को सहन कर सकते थे, उनमें सहनशक्ति थी, उन्हें जनता का समर्थन और सम्मान था और समय के साथ अपने काम की बदौलत वे वापसी करने में सक्षम थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व का लोगों पर कोई प्रभाव नहीं है।
Recommended Video
नेहरू, इंदिरा-राजीव जैसे नेताओं का कद बहुत बड़ा
बकौल आजाद, "मैं कांग्रेस को बेनकाब और पूरी तरह से ध्वस्त नहीं करना चाहता। नेतृत्व के साथ मेरे कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी या कांग्रेस की विचारधारा से मेरे कोई मतभेद नहीं हैं। मेरा कांग्रेस की विचारधारा या पहले वाले कांग्रेस नेतृत्व से कोई मतभेद नहीं हैं।" उन्होंने कहा, बेशक मैंने अपनी किताब में नेहरू जी के समय में, इंदिरा जी के समय में, राजीव जी के समय में क्या गलत हुआ, इसका उल्लेख किया है, लेकिन मैंने यह भी कहा कि इन नेताओं का कद बहुत बड़ा था।
पीएम ने बदला नहीं लिया, क्रेडिट मिलना ही चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्रेडिट देने की बात करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा, "मैंने उनके साथ जो किया उसके लिए मुझे मोदी को श्रेय देना चाहिए। उन्होंने बहुत उदारता से बर्ताव किया।" बकौल आजाद, विपक्ष के नेता के रूप में मैंने उन्हें किसी भी मुद्दे पर नहीं बख्शा। चाहे वह अनुच्छेद 370 हो, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) हो या हिजाब का मुद्दा हो। उन्होंने संसद में जो बिल पेश किए, लेकिन उनमें कुछ बिल पूरी तरह से फेल हो गए। आजाद ने कहा, "मुझे उन्हें (पीएम मोदी) इसका श्रेय देना चाहिए कि उन्होंने एक राजनेता की तरह व्यवहार किया, मेरी आलोचनाओं का बदला नहीं लिया।
आजाद भाजपा से करीबी पर क्या बोले
गुलाम नबी आजाद ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने जी-23 के नेताओं की भाजपा से कथित सहानुभूति वाली कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर कहा, "वह मूर्ख हैं। अगर G23 बीजेपी प्रवक्ता थी तो उन्हें कांग्रेस ने बाद में सांसद क्यों बनाया? उन्हें सांसद, महासचिव और पदाधिकारी क्यों बनाया गया है? मैं अकेला हूं जिसने पार्टी बनाई है। बाकी लोग अभी वहीं हैं।" आजाद ने कहा, ऐसे आरोप दुर्भावनापूर्ण, अपरिपक्व और बचकाने हैं। बता दें कि कांग्रेस छोड़ने पर गुलाम नबी आज़ाद समेत कई कांग्रेस नेताओं (जी-23) पर भाजपा के करीबी होने के आरोप लगे थे।












Click it and Unblock the Notifications