पहली तिमाही में -23.9 फीसदी रही जीडीपी ग्रोथ, चार दशक में पहली बार ऐसी गिरावट
नई दिल्ली। सरकार ने आज वित्तवर्ष 2020-21 की पहली तिमाही यानी अप्रैल, मई और जून 2020 के जीडीपी आंकड़े जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर -23.9 फीसदी रही है। चार दशक के बाद देश की अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी गिरावट आई है कि ग्रोथ नकारात्मक रही है। कोरोना महामारी के बाद देशभर में लागू किए गए बेहद सख्त लॉकडाउन को इस गिरावट की वजह माना जा रहा है। बीते साल इस तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 3.1 फीसदी पर थी।
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अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन सेक्टर जैसे क्षेत्र, जिनका देश की जीडीपी में लगभग 45 फीसदी हिस्सा है, पहली तिमाही के दौरान जब लॉकडाउन लगा तो ये सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। जिससे आर्थिक तानाबाना चरमरा गया।
कोर सेक्टर की हालत भी अच्छी नहीं है। जुलाई में आठ प्रमुख उद्योगों का कंबाइड इंडेक्स 119.9 पर रहा है। ये बीते साल, जुलाई 2019 के मुकाबले 9.6 फीसदी कम है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को आंकड़े जारी किए हैं।आठ बुनियादी उद्योग- कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली हैं। 8 बुनियादी क्षेत्रों की औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27 फीसदी हिस्सेदारी है।
ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) किसी एक साल में देश में पैदा होने वाले सभी सामानों और सेवाओं की कुल वैल्यू को कहते हैं। जीडीपी आर्थिक गतिविधियों के स्तर को दिखाता है और इससे यह पता चलता है कि किन सेक्टरों की वजह से इसमें तेज़ी या गिरावट आई है। इससे पता चलता है कि सालभर में अर्थव्यवस्था ने कितना अच्छा या खराब प्रदर्शन किया है।












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