गायत्री परिवार के मुखिया ने राज्यसभा जाने से किया इनकार
नई दिल्ली। राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जिससे एक बड़ा वर्ग दूर रहता है। राज्यसभा में गायत्री परिवार के मुखिया प्रणव पांड्या ने राज्यसभा की सदस्यता लेने से इकार कर दिया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार भी नहीं चाहता है कि मैं राज्यसभा जाउं।
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पांड्या का कहना है कि राज्यसभा में बहस का स्तर बहुत खराब है और वह उनके लायक नहीं है। वह राज्यसभा से बाहर रहकर ज्यादा बेहतर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग एक दूसरे को गालियां देते हैं ऐसे में उनका राज्यसभा में कोई काम नहीं है।
प्रणव पांड्या ने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था। राज्यसभा में एक नामित सदस्य का कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी सीट पर मुझे नामित किया गया था। आपको बता दें कि गायत्री परिवार देश के अलावा विदेशों में भी स्थापित है।
दुनिया के 80 देशों में इसकी शाखायें हैं। प्रणव पांड्या गायत्री परिवार के पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के करीबी माने जाते हैं। गायत्री परिवार को दुनिया भर के देशों में ले जाने का श्रेय पांड्या को जाता है। पांड्या हरिद्वार के देव संस्कृति विश्वविद्याल के वीसी, पत्रिका अखंड ज्योति के संपादक वह विवेकानंद योगविद्या महापीठम के अध्यक्ष भी रहे हैं।
पांड्या एमडी इन मेडिसिन में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने 1976 में यूएस के मेडिकल सर्विसेज से पढ़ाई के बाद पंडित श्रीराम शर्मा के कहने पर भारत रहने का फैसला लिया। इसके अलावा पांड्या भेल में 1976 में शामिल हुए और हरिद्वार और भोपाल के अस्पताल में फिजिशियन के तौर पर अपनी सेवायें दी। लेकिन सिर्फ दो साल के बाद ही उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी और युग निर्माण योजना मिशन से जुड़ गये।












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