Ganesh Chaturthi Guidelines 2021: गणेश चतुर्थी 2021 के लिए पढ़िए क्या हैं अलग-अलग राज्यों के नियम
नई दिल्ली, 06 सितंबर। 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी है, जिसके लिए पूरे देश में जोर-शोर से तैयारी चल रही है। बुद्धि, ज्ञान और विघ्नविनाशक के रूप में पूजे जाने वाले श्री गणेश जी के स्वागत के लिए इस समय उनके भक्तगण पूरी तरह से तैयार हैं लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस बार भव्य आयोजन पर रोक लगाई गई है लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अलग-अलग राज्यों में गणपति उत्सव के कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है।

आइए जानते हैं क्या हैं अलग-अलग राज्यों के नियम
- महाराष्ट्र का गणेशोत्सव तो विश्व में प्रसिद्ध है लेकिन इस बार कोरोना के चलते भव्य कार्यक्रम नहीं होंगे।
- बीएमसी की गाइडलाइन के मुताबिक मुंबई में केवल 519 मंडलों को गणपति पंडाल स्थापित करने की अनुमति।
- लोगों के सीमित संख्या को ध्यान में रखते हुए पूजा पंडाल बनाए जाएंगे।
- मूर्तियां एनवायरनमेंट फ्रेंडली हों और कोशिश करें कि घर में ही विसर्जित की जाएं।
- पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बजाय स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां की जा सकती हैं।
- आरती, कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लोगों की भीड़ जमा न हो और सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन न किया जाए।
- ध्वनि प्रदूषण पर भी पूरा ध्यान देना होगा।
- गणपति मंडप का सैनिटाइजेशन होते रहना चाहिए और थर्मल स्क्रीनिंग का भी इंतजाम होना चाहिए।
- श्रद्धालुओं को मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा।
- श्री गणेश भगवान के आगमन और विसर्जन का जुलूस कार्यक्रम नहीं होगा।

कर्नाटक
- यहां पर 5 दिवसीय गणेश चतुर्थी समारोह पर रोक।
- बड़ी साभाओं पर रोक।
- राज्य में रात 9 बजे के बाद कोई उत्सव नहीं होगा।
- नाईट कर्फ्यू में ढील नहीं ।
- गणेशोत्वस और विसर्जन के लिए 20 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं ।
- बड़े-बड़े गणेश पांडाल पर रोक।
- इको-फ्रैंडली गणेश मूर्तियों की अनुमति होगी।
- गणेश चतुर्थी समारोह के दौरान भोजन और प्रसाद के वितरण की अनुमति नहीं ।
- 2% से अधिक कोविड सकारात्मकता दर वाले जिलों में समारोह नहीं।

आंध्र प्रदेश
- पांडालों को अनुमति नहीं है।
- मूर्ति विसर्जन के जुलूस भी नहीं निकल सकेंगे।
तमिलनाडु
- चतुर्थी के दिन छोटे मंदिर खोले जा सकते हैं।
- मूर्तियों को जलाशयों में विसर्जित करने की जिम्मेदारी राज्य उठाएगी।

मध्य प्रदेश
- धार्मिक जुलूस नहीं निकाले जा सकेंगे।
- छोटे स्थानों पर गणेश पांडाल नहीं लगेंगेष
- पंडाल का आकार भी 30 बाय 45 फीट होगा।
- गणेश विसर्जन में ज्यादा से ज्यादा केवल 10 लोग ही शामिल होंगे।
- त्योहारों के मद्देनजर नाइट कर्फ्यू और बाकी पाबंदियां जारी रहेंगी।












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