G20 Summit: अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने फादर निकोलस को दिया खास तोहफा, जानें क्या हुई बातचीत?
दिल्ली महाधर्मप्रांत के धर्मविधि आयोग के सचिव फादर (पादरी) निकोलस डायस ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए निजी प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस दौरान जो बाइडेन ने फादर निकोलस डायस को स्मृति चिह्न उपहार में दिया।
G20 Summit: भारत की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय G-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने विदेशों से मेहमान शनिवार को दिल्ली पहुंचे। इस दौरान दिल्ली छावनी में तब्दील हो गई। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती रही। वहीं, सम्मेलन के दूसरे दिन यानी आज रविवार को विदेशी मेहमान अब अपने-अपने देश रवाना होंगे।
विदेशी मेहमानों का दो दिनों में आदर-सत्कार किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद राजघाट पर खादी का शॉल पहनाकर सभी का स्वागत किया। इतना ही नहीं, शनिवार रात विदेशी मेहमानों ने भारतीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इसी बीच शनिवार को ही दिल्ली महाधर्मप्रांत के धर्मविधि आयोग के सचिव फादर (पादरी) निकोलस डायस ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए निजी प्रार्थना सभा का आयोजन किया। जिसके खत्म होने पर जो बाइडेन ने फादर निकोलस डायस को स्मृति चिह्न उपहार में दिए। आइए जानते हैं फादर की बाइडेन से क्या हुई बातचीत?

फादर निकोलस डायस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन एक 'बहुत ही विनम्र' हैं। उन्होंने प्रार्थना के लिए समय निकालने के लिए आभार व्यक्त किया। बाइडन ने उन्हें उन पर ईसाई धर्म के प्रभाव और संत पापा फ्रांसिस के साथ उनकी निकटता के बारे में बताया। बाइडन ने अपनी दादी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी दादी का उनके जीवन और उनके कैथोलिक पालन-पोषण में बहुत प्रभाव था? इतना ही नहीं फादर ने बाइडेन के साथ गोवा एक व्यंजन बेबिंका भी साझा किया, जिसे वह अपने साथ ले गए थे।
#WATCH | Delhi | Father Nicholas Dias, Secretary of the Liturgy Commission, Delhi Archdiocese conducted a private Church service for US President Joe Biden during his visit to the national capital for the G 20 Summit.
— ANI (@ANI) September 10, 2023
He says, "This was a great moment for me that I was chosen to… pic.twitter.com/FfIQQQuKQx
फादर को भेंट की मुहर
फादर को जो बाइडेन ने राष्ट्रपति की मुहर संख्या 261 भेंट की। फादर ने आगे कहा कि यह मेरे लिए एक महान क्षण था कि मुझे अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ प्रार्थना करने, उनके लिए प्रार्थना करने और हमारे देशों के लिए भी प्रार्थना करने के लिए चुना गया। मेरा अनुभव था कि वह एक कट्टर कैथोलिक थे। वह पोप फ्रांसिस का अनुसरण करते हैं, उनकी शिक्षाओं को बहुत करीब से देखता हूं और यह देखने की कोशिश करता हूं कि वह उन्हें अपने आधिकारिक पद पर कैसे लागू कर सकते हैं। उनका विश्वास मेरे और मेरे विश्वास के लिए एक अनुभव था। वह बहुत विनम्र दिखे... राष्ट्रपति मेरे प्रति आभारी थे... उन्होंने दिया मुझे लगता है कि ये यादगार चीजें केवल चुनिंदा लोगों को ही दी जाती हैं..."












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