'मोदी हैं तो मनु हैं', कांग्रेस नेता का आरोप- दलित होने के कारण खड़गे को नहीं मिला G20 डिनर का न्योता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जी20 समिट में आए राष्ट्राध्यक्षों के लिए शनिवार शाम एक डिनर आयोजित किया है। पहले तो इसके निमंत्रण कार्ड को लेकर विवाद हुआ, तो वहीं अब कांग्रेस अपने नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को नहीं बुलाने पर नाराज हो गई। इस मामले को कांग्रेस के एक नेता ने जातीय रंग भी दे दिया।
तमिलनाडु के कांग्रेस नेता मोहन कुमारमंगलम ने खड़गे को नहीं बुलाने के फैसले की आलोचना की। साथ ही कहा कि 'मोदी हैं तो मनु हैं'। हालांकि सरकार लगातार कांग्रेस के आरोपों का खंडन कर रही। साथ ही दावा कर रही कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को नहीं बुलाया गया है।

कुमारमंगलम ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी महर्षि मनु की विरासत को कायम रख रहे हैं, जो एक प्राचीन हिंदू ऋषि थे। उन्होंने मनुस्मृति की रचना की, जिसके हिसाब से हिंदू धर्म में कई चीजें होती हैं। हालांकि कुछ लोग मनु स्मृति पर जातिवाद और छूआछूत को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहते हैं।
कुमारमंगलम ने आगे कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अयोध्या में राम मंदिर के 'भूमि पूजन' में आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके बाद जब नई संसद भवन का उद्घाटन हुआ, तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी नहीं बुलाया गया, क्योंकि दोनों दलित हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
वहीं राहुल गांधी बेल्जियम के दौरे पर हैं। वहां पर उनसे खड़गे को नहीं बुलाने से जुड़ा एक सवाल पूछा गया। जिस पर उन्होंने कहा कि इसमें नया क्या है? उन्होंने विपक्ष के नेताओं को नहीं बुलाया, इससे साफ होता है कि वो भारत की 60 प्रतिशत आबादी को महत्व नहीं देते हैं।
सिर्फ इन लोगों को बुलाया गया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार की ओर से इस रात्रि भोज में किसी भी राजनीतिक दल को निमंत्रण नहीं दिया गया। इसमें सिर्फ कैबिनेट और राज्य मंत्रियों, अलग-अलग राज्यों के सीएम, भारत सरकार के सचिवों और कुछ उद्योगपतियों को बुलाया गया है।












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