मिसाइल वैज्ञानिक जी सतीश रेड्डी बनाए गए DRDO के नए अध्यक्ष
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार ने शनिवार को देश के जाने-माने मिसाइल वैज्ञानिक जी सतीश रेड्डी को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (DDR&D) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। मोदी सरकार की मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने जी रेड्डी की नियुक्ति को शनिवार को मंजूरी दे दी है। डॉ एस क्रिस्टोफर के रिटायर होने के बाद से यह पद पिछले तीन महीने से खाली पड़ा था।

बता दें कि मिसाइल वैज्ञानिक डॉ जी सतीश रेड्डी ने 4 जून 2015 को रक्षा मंत्री के 12वें वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में पद संभाला था। जी रेड्डी का नौवहन और वैमानिकी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अहम योगदान रहा है। उन्होंने अनुसंधान केंद्र के निदेशक के रूप में कई अहम रक्षा परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाई है।
सैटेलाइट नेविगेशन रिसीवर जैसे कार्यक्रमों का किया है नेतृत्व
जी सतीस रेड्डी को मिसाइल सिस्टम में उनके शोध और विकास के लिए जाना जाता है और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों और उद्योगों के उन्नयन की दिशा में भी उन्होंने निरंतर योगदान दिया है। जी सतीश रेड्डी ने सैटेलाइट नेविगेशन रिसीवर और हाइब्रिड नेविगेशन सिस्टम के विकास के साथ इनर्टियल सेंसर, नेविगेशन स्कीम, एल्गोरिदम सिस्टम, कैलिब्रेशन पद्धतियां, सेंसर मॉडल, सिमुलेशन की अवधारणा, डिजाइन और विकास जैसे कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है।
जी सतीश रेड्डी की अगुवाई में ही एवियनिक्स सिस्टम तैयार किया गया था। रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (जेएनटीयू) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। इसके साथ-साथ जी रेड्डी रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नेविगेशन लंदन के साथ रॉयल एयरोनॉटिकल सोसाइटी में भी शामिल हो चुके हैं।












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