NCLAT ने बरकरार रखा सीसीआई का फैसला, अमेजन को 45 दिन के भीतर भरना होगा 200 करोड़ जुर्माना
नई दिल्ली, 13 जून: नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने फ्यूचर ग्रुप के साथ सौदे को लेकर अमेजन पर 202 करोड़ रुपए का जुर्माने लगाने के कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के फैसले को बरकरार रखा है। अमेजन को डेढ़ महीने का समय इस जुर्माने को अदा करने के लिए एनसीएलएटी की ओर से दिया गया है। एनसीएलएटी बेंच ने सोमवार को अपने फैसले में कहा कि कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया का अमेजन फ्यूचर कूपन सौदे के निलंबन का आदेश सही था क्योंकि अमेजन ने आयोग के सामने पूरी जानकारी का खुलासा नहीं किया था।

अमेजन-फ्यूचर ग्रुप डील में सीसीआई के आदेश के खिलाफ अमेजन ने एनसीएलएटी का रुख किया था। एनसीएलएटी ने सीसीआई के फैसले पर रोक की अमेजन की मांग को खारिज करते हुए ई-कॉमर्स कंपनी को 45 दिनों के भीतर 202 करोड़ रुपए जुर्माना जमा करने को कहा है। एनसीएलटी ने कहा कि आज (13 जून) से 45 दिन के भीतर को जुर्माने की राशि अदा कर दें।
बीते साल लगा था जुर्माना
ऑनलाइन ई कॉमर्स कंपनी अमेजन पर बीते साल दिसंबर में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 202 करोड़ का जुर्माने लगाते हुए फ्यूचर ग्रुप के साथ हो रहे उसके सौदे पर रोक लगा दी थी। अपने आदेश में सीसीआई ने कहा था कि अमेरिकी कंपनी अमेजन डॉट कॉम एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएल के फ्यूचर ग्रुप में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के सौदे को 28 नवंबर 2019 को मंजूरी मिली थी। सीसीआई ने कहा था कि अमेजन ने इस डील से संबंधित से कुछ जरूरी जानकारी को छुपाकर समझौते की मंजूरी ली थी। कंपनी ने इस डील से संबंधित वास्तविक उद्देश्य और विवरण की जानकारी छुपाई थी और समझौते से जुड़ी जानकारी को छुपाने की कोशिश की। ऐसे में इस डील को अब सीसीआई ने कैंसिल कर दिया है और कंपनी पर जुर्माना लगाया है।












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