अमेजन के 1,400 करोड़ से 26,000 करोड़ की कंपनी कैसे हुई तबाह? अब रिलायंस इंडस्ट्रीज स्टोर्स पर कर रही कब्जा
नई दिल्ली, 1 मार्च। बिजनेस सेक्टर (Business Sector) की दो बड़ी कंपनियों में इस समय सीधे टकराव की स्थिति बन गई है। वहीं देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इडस्ट्रीज(RIL) की भी इस विवाद में एंट्री हो गई है। अमेजन की ओर से विवाद को लेकर रिलायंस इंस्टस्ट्रीज (Reliance Industries Limited) का नाम लिया जा रहा है। वहीं तबाह हुई कंपनी अपने स्टोर का किराया तक चुकता नहीं कर पाई। 4800 करोड़ रुपए का किराया बकाया हो जाने पर रिलायंस को उसे अपना स्टोर सरेंडर करना पड़ा है।

किशोर बियानी (Kishore Biyani) के समूह फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (Future Retail Limited) की अमेजन इंक के बीच बात नहीं बनी। दोनों कंपनियां अदालत के बाहर समझौता करने में विफल रहीं। वहीं अब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL)ने पिछले महीने आरएफएल समूह के सैकड़ों स्टोरों पर कब्जा कर लिया था। रिलायंस की ओर से यह कार्रवाई आरएफएल के 4,800 करोड़ रुपये बकाया किराया को लेकर की। वहीं अब कंपनियों के बीच आरोप प्रत्यारोपों का दौर चल पड़ा है।
दरअसल, किशोर बियानी एक भारतीय व्यवसायी हैं जो फ्यूचर ग्रुप के संस्थापक और सीईओ हैं। वे भारत के सबसे बड़े ईंट व मोर्टार खुदरा विक्रेताओं में से एक है। वह पैंटालून रिटेल और बिग बाजार जैसे खुदरा व्यवसायों के संस्थापक भी हैं।
अमेजन के 1400 करोड़ से कैसे तबाह हुआ फ्यूचर रिटेल लिमिटेड
एफआरएल (FRL) ने अब 835 से अधिक स्टोरों का नियंत्रण खो दिया है। शेष 374 स्टोर फिलहाल अभी चल रहे हैं। अमेजन ने फ्यूचर रिटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। गुरुवार को फ्यूचर ग्रुप की ओर से कहा गया कि 1,400 करोड़ (अमेज़ॅन-फ्यूचर विवादित सौदे के लायक) के लिए, अमेज़ॅन ने 26,000 करोड़ की कंपनी को नष्ट कर दिया। अमेजन जो करना चाहता था उसमें वह सफल रहा। कंपनी की ओर आगे कहा गया कि अब कोई हमारे साथ व्यापार नहीं करना चाहता। वहीं मकान मालिक की ओर से बेदखली का नोटिस मिल रहा है ऐसे में हम क्या कर सकते हैं। यह बात फ्यूचर रिटेल ने RIL की बिल्डिंग में अपने स्टोर को लेकर कही।
वहीं अब कंपनी ने फ्यूचर रिटेल की संपत्ति आरआईएल (RIL) सरेंडर करने पर भी आपत्ति जताई है। मामले में अमेजन का कहना है कि फ्यूचर यूनिट के साथ 2019 के सौदे को लेकर एक सूची तैयार हुई थी। जिसमें फ्यूचर समूह को 'प्रतिबंधित व्यक्तियों' की सूची में किसी को भी अपनी खुदरा संपत्ति बेचने से रोकने वाले खंड शामिल थे। इस सूची में रिलायंस भी नाम शामिल था। फ्यूचर रिटेल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अमेजन हमें नष्ट करना चाहता था, जिसमें वह सफल हो गया। मामले में अगली सुनवाई कोर्ट ने 4 अप्रैल निर्धारित की है।












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