Uttarakhand News: चारधाम यात्रा 2026 के लिए सीएम धामी का सख्त एक्शन प्लान, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष जोर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2026 चार धाम यात्रा के लिए एक व्यापक कार्य योजना का अनावरण किया है। यह कार्यक्रम ग्रीन एंड क्लीन पहल के तहत सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर डिजिटल निगरानी को प्राथमिकता देता है, जिसमें तीर्थयात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए हेल्पलाइन, पंजीकरण और यातायात प्रबंधन के लिए सख्त एसओपी शामिल हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने चारधाम यात्रा-2026 को लेकर सख्त और व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान व्यावसायिक दृष्टिकोण की बजाय मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कही। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण किया जाएगा। साथ ही, यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की फर्जी खबर या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हेली सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए SOP के पालन, हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही ओवरलोडिंग से बचने और सेवाओं को पर्याप्त विश्राम देने पर भी जोर दिया गया।
भीड़ नियंत्रण के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और स्लॉट सिस्टम लागू किया जाएगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और मजबूत करते हुए अतिरिक्त काउंटर बढ़ाने और प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा मार्गों पर CCTV और AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट और अस्थायी अस्पताल स्थापित करने की बात कही। स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थलों की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पशु चिकित्सा सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा।
आपूर्ति व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी न हो। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। ओवररेटिंग रोकने के लिए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।
ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर सख्त योजना बनाई गई है, जिसमें जाम से बचाव के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान की जाएगी। मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और होमगार्ड्स की तैनाती बढ़ाई जाएगी।
आपदा प्रबंधन के लिए State Disaster Response Force (SDRF) और National Disaster Response Force (NDRF) को अलर्ट मोड में रखा जाएगा। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक संसाधनों की तैनाती की जाएगी। साथ ही 24x7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों की सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने, साफ-सफाई, साइनज, सेल्फी प्वाइंट और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर यात्रा को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया।
बैठक में वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और संबंधित जिलों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान नियमित समीक्षा बैठकें कर सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की जाए और पिछले अनुभवों के आधार पर सुधारात्मक कदम तुरंत लागू किए जाएं।












Click it and Unblock the Notifications