• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Fortis के फाउंडर मलविंदर सिंह ने छोटे भाई शिविंदर पर लगाया मारपीट का आरोप

|

नई दिल्ली। फोर्टिस हेल्थकेयर के फाउंडर मलविंदर मोहन सिंह और उनके भाई शिविंदर मोहन सिंह के बीच झगड़ा और बढ़ गया है। बड़े भाई मलविंदर सिंह ने छोटे भाई शिविंदर सिंह पर मारपीट का आरोप लगाया है। दूसरी ओर शिविंदर ने बड़े भाई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मलविंदर सिंह ने खुद उन पर हमला किया है। पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब मलविंदर मोहन सिंह ने वॉट्सऐप पर एक तस्वीर और वीडियो पोस्ट की। इसमें वो खुद पर हुए हमले और चोट को सबके सामने दिखाते नजर आ रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:- बुलंदशहर हिंसा: क्या इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित को एक ही बोर के हथियार से मारी गई गोली?

मलविंदर मोहन सिंह ने वीडियो पोस्ट कर लगाए आरोप

मलविंदर मोहन सिंह ने वीडियो पोस्ट कर लगाए आरोप

मलविंदर मोहन सिंह ने जो वीडियो पोस्ट किया उसमें उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर, 2018 की शाम करीब 6 बजे दिल्ली स्थित 55, हनुमान रोड पर शिविंदर ने उनसे मारपीट की। उन्होंने आगे कहा कि शिविंदर ने न केवल उन्हें चोट पहुंचाई, बटन तोड़ दिए और मुझे दबाए रखा। इतना ही नहीं मुझे धमकी भी दी। इस दौरान शिविंदर तब तक लड़ते रहे जब तक टीम ने आकर उन्हें अलग नहीं किया। मलविंदर सिंह ने करीब आधे मिनट का ये वीडियो शेयर करके शिविंदर पर गंभीर आरोप लगाए।

शिविंदर सिंह पर बड़े भाई ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

शिविंदर सिंह पर बड़े भाई ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

टीओआई से बातचीत में मलविंदर मोहन सिंह ने शिविंदर सिंह पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। मलविंदर सिंह ने बताया कि पूरा मामला तब शुरू हुआ जब शिविंदर ने ग्रुप की एक कंपनी प्रायस रियल एस्टेट के बोर्ड की बैठक को बाधित करना शुरू किया। उन्होंने बताया कि इस कंपनी को उन्होंने लगभग 2 हजार करोड़ रुपये के कर्ज दिए हैं, जिसे गुरिंदर सिंह ढिल्लन और उनके परिवार के लोग चलाते हैं। मलविंदर ने कहा कि बोर्ड बैठक में उन्होंने ढिल्लन समूह से पैसे की वसूली का निर्णय लिया। हालांकि शिविंदर सिंह ने बोर्ड बैठक में दखल देने की कोशिश की, जबकि वह बोर्ड के सदस्य नहीं हैं।

इस तरह से बढ़ा पूरा विवाद

इस तरह से बढ़ा पूरा विवाद

मलविंदर मोहन सिंह ने बताया कि जब उन्हें घटना के बारे में पता चला तो वह हनुमान रोड स्थित ऑफिस पहुंचे। जैसे ही वह वहां पहुंचे शिविंदर ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्हें चोट आई और इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल जाना पड़ा। अस्पताल ने उन्हें घुटने और हाथ में चोट पहुंचने की बात कही। दूसरी ओर शिविंदर के करीबी सूत्रों ने इसे मलविंदर का सहानुभूति हासिल करने का प्रयास बताया और कहा कि मलविंदर के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। ऐसा लगता है कि जब मलविंदर सिंह ने कथित तौर पर कर्मचारियों से कुछ बयान दर्ज करने की कोशिश की तो ये हंगामा हुआ था।

1996 में की थी फोर्टिस हेल्थकेयर की शुरुआत

1996 में की थी फोर्टिस हेल्थकेयर की शुरुआत

बता दें कि शिविंदर सिंह ने सितंबर में बड़े भाई मलविंदर सिंह पर फोर्टिस को डुबोने का आरोप लगाते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दायर की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने ये याचिका वापस ले ली। मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह ने 1996 में फोर्टिस हेल्थकेयर की शुरुआत की थी। फिलहाल 10,000 बेड की क्षमता और 314 डायग्नोस्टिक सेंटर्स के साथ फोर्टिस 45 शहरों में अपनी सुविधाएं दे रहा है। दुबई, मॉरिशस और श्रीलंका में भी इसका नेटवर्क है।

इसे भी पढ़ें:- शादी के 24 घंटे बाद ही एक 'बड़ी मुश्किल' में फंस गए प्रियंका और निक

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Fortis fight turns ugly: Malvinder Singh accuses younger brother Shivinder physically assaulted him
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more