अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर लगी होने में क्या बुराई है: हामिद अंसारी
अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर लगाने में कुछ गलत नहीं: हामिद अंसारी
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नई दिल्ली। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि अगर देश में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है तो जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं हो सकती है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगा होना गलत है। अंसारी ने कहा कि तस्वीरों या इमारतों को तोड़ना हमारी तहजीब का हिस्सा नहीं है, वहां तस्वीर 1938 से लगी है तो लगी रहे। कुछ समय पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ कार्यालय में तस्वीर हटाने की बात भाजपा सांसद ने की थी, जिसके बाद ये मुद्दा काफी चर्चा में रहा।

शरिया अदालतों के हक में हामिद अंसारी
शरिया कोर्ट को लेकर हामिद अंसारी ने कहा कि लोग कानूनी व्यवस्था के साथ सामाजिक प्रथाओं को भ्रमित कर रहे हैं। हमारा कानून मान्यता देता है कि प्रत्येक समुदाय के अपने नियम हो सकते हैं। भारत में पर्सनल लॉ विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत को कवर करता है। प्रत्येक समुदाय को अपने पर्सनल लॉ के साथ रहने का अधिकार है।

भीड़ को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देश में तेजी से बढ़ रहे मॉब लिंचिंग के मामले पर कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, देश में एक कानून-व्यवस्था है जो काम करता है। हामिद अंसारी ने 'एक राष्ट्र एक चुनाव' के विचार का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। भारत विविधिताओं का देश है और जब इतने बड़े देश में एक साथ चुनाव कराने की बात होती है तो वह असंभव विचार लगता है।

थरूर ने जो बोला है, सोच-समझकर बोला होगा
हामिद अंसारी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के 'हिंदू पाकिस्तान' वाले बयान पर कहा कि मैंने नहीं पढ़ा है कि उन्होंने क्या कहा है? शशि थरूर पढ़े-लिखे इंसान हैं और उन्होंने कुछ कहा है तो सोच-समझकर ही बोला होगा। हामिद अंसारी ने कहा कि शशि थरूर को अपना निर्णय लेने का अधिकार है। इस दौरान उन्होंने देश के ताजा हालात पर और अलग-अलग मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।












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