Pranab Mukherjee ने भारत रत्न मिलने पर कहा था, जो किया उससे कहीं ज्यादा प्यार मिला

नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी का आज शाम निधन हो गया है। 84 साल के प्रणब मुखर्जी 20 दिन से वो मौत और जिंदगी के बीच लड़ रहे थे। 20 दिन पहले उनकी उनकी ब्रेन सर्जरी की गई थी। ऑपरेशन के बाद से ही उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और वे लगातार वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रणब मुखर्जी को बीते साल भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। देश का सबसे बड़ा पुरस्कार पाने के बाद उनकी ओर से जो बयान जारी किया गया था, उसमें उनकी भावुकता सामने आई थी। जब उन्होंने कहा था कि जो मैंने देश के लिए किया, उससे ज्यादा प्यार मुझे मिला है।

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    भारत रत्न मिलने पर क्या बोले थे प्रणब मुखर्जी

    भारत रत्न मिलने पर क्या बोले थे प्रणब मुखर्जी

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारत रत्न के लिए नाम की घोषणा होने के बाद कहा था, मैं विनम्रता के साथ इसे स्वीकार करता हूं। मैंने राष्ट्रपति से बात की है और उनका आभार व्यक्त किया है। मैंने पहले भी ये कहा है और फिर से दोहरा रहा हूं। अपने सार्वजनिक जीवन में जितना काम मैंने देश और जनता के लिए किया उससे कई गुना ज्यादा प्यार मुझे देश के लोगों से वापस मिला है। इसके लिए मैं देश के लोगों का आभारी हूं।

    बेटे और बेटी ने कही थी ये बात

    बेटे और बेटी ने कही थी ये बात

    प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न की घोषणा पर उनके बेटे और बेटी का भी बयान आया था। उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न के लिए चुने जाने पर कहा था कि बंगाल के छोटे से गांव से निकलकर उनके पिता ने देश की लंबे समय तक सेवा की है। प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कहा था कि ये उनके लिए बेहद खुशी की बात है कि पिता के काम को देश ने सम्मान दिया है। सरकार ने राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर ये फैसला लिया है। अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि 50 साल के सार्वजनिक जीवन में उनके पिता ने कई शानदार काम किए हैं, जिनके लिए ये सम्मान मिला है।

    जीवन में कई अहम पदों पर रहे प्रणब मुखर्जी

    जीवन में कई अहम पदों पर रहे प्रणब मुखर्जी

    प्रणब मुखर्जी भारतीय राजनीति का बड़ा नाम रहे। 50 साल के अपने राजनीतिक करियर में वो कई दफा केंद्रीय मंत्री और दूसरे बड़े पदों पर रहे। वे जुलाई 1969 में पहली बार राज्य सभा में चुनकर आए। तब से वे कई बार राज्य सभा के लिए चुने गए। फरवरी 1973 में पहली बार केंद्रीय मंत्री बनने के बाद मुखर्जी ने चालीस साल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सभी सरकारों में मंत्री पद संभाला था। इसके बाद भारत के राष्ट्रपति भी रहे। कई मौकों पर उनको प्रधानमंत्री पद का भी दावेदार माना गया। पिछले साल अगस्त में प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिया गया था।

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