पूर्व CJI यूयू ललित को पेंशन, बाकी भत्ते और सुविधाएं क्या मिलेंगी ? जानिए
पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया यूयू ललित ने मंगलवार को ही अपना कार्यकाल पूरा किया है। वह करीब ढाई महीने ही देश की न्यायपालिका के सर्वोच्च पद पर रहे। सुप्रीम कोर्ट के जजों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है। सेवानिवृत्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों और सीजेआई को पेंशन, भत्ते और बाकी सुविधाएं मिलती हैं। देश के 48वें सीजेआई एनवी रमना के रिटायरमेंट के समय से केंद्र सरकार ने इन्हें मिलने वाली पोस्ट-रिटायर्मेंट्स बेनिफिट में काफी कुछ बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं कि पूर्व सीजेआई जस्टिस उदय उमेश ललित को अब क्या सुविधाएं मिलेंगी।

74 दिनों का कार्यकाल पूरा कर रिटायर हुए जस्टिस यूयू ललित
देश के 49वें प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित का 74 दिवसीय कार्यकाल मंगलवार, 8 नवंबर, 2022 को खत्म हुआ है। उन्होंने 27 अगस्त, 2022 को ही चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया पद की शपथ ली थी। 9 नवंबर, 1957 को जन्मे जस्टिस ललित की सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति 13 अगस्त, 2014 को हुई थी। वह देश के दूसरे ऐसे सीजेआई रहे हैं, जिन्हें बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में नियुक्त किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के जज 65 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। अब जस्टिस यूयू ललित को पूर्व सीजेआई को मिलने वाला पेंशन, भत्ता और बाकी सुविधाएं मिलेंगी।

पूर्व सीजेआई को मिलेंगी ये विशेष सुविधाएं
देश के 48वें चीफ जस्टिस एनवी रमना के रिटायरमेंट के साथ ही केंद्रीय कानून मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों में बढ़ोतरी कर दी थी। जाहिर है कि जस्टिस यूयू ललित भी उसके हकदार होंगे। रिटायरमेंट के बाद जस्टिस ललित को पूरे जीवन के लिए डोमेस्टिक हेल्प के साथ ही एक शोफर (ड्राइवर) भी दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें पूरी जिंदगी सचिवालय सहायक भी उपलब्ध करवाया जाएगा। 26 अगस्त, 2022 को किए गए संशोधनों के बाद पूर्व प्रधान न्यायाधीश को अगले पांच साल तक 24 घंटे सुरक्षा कवर दिए जाने का प्रावधान किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के बाकी जजों के मामले में यह सिक्योरिटी कवर तीन साल के लिए होगा।

दिल्ली में टाइप-VII आवास मुफ्त
पूर्व सीजेआई यूयू ललित को रिटायरमेंट बेनिफिट के तौर पर अब नई दिल्ली में अगले 6 महीने के लिए टाइप-VII आवास भी मुहैया करवाया जाएगा, जिसका उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा। पूर्व चीफ जस्टिस के अलावा सुप्रीम कोर्ट के सभी रिटायर्ड जजों को पूरे प्रोटोकॉल के साथ एयरपोर्ट पर सेरमोनीअल लाउंज भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इन्हें आवास पर मुफ्त का टेलीफोन उपलब्ध करवाया जाएगा और आवासीय टेलीफोन और मोबाइल कॉल के चार्ज भी रीइंबर्स किए जाएंगे।

16,80,000 रुपए वार्षिक पेंशन+डीए
इन सबके अलावा पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को सालाना 16,80,000 रुपए बतौर पेंशन मिलेगा। ऊपर से डीए (महंगाई राहत) भी भुगतान किए जाएंगे। इसके साथ ही रिटायर्मेंट पर पूर्व सीजेआई को एक मुश्त 20,00,000 रुपए की ग्रेच्युटी भी मिलेगी। लेकिन, प्रावधान यह भी है कि रिटायरमेंट के बाद जज यदि कोई दूसरा पद ग्रहण करते हैं, तो पोस्ट-रिटायर्मेंट मिलने वाले कई लाभ उन्हेंने नहीं मिल पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल निर्धारित संख्या 34 है। इनमें से हर साल 3 से चार जज रिटायर हो जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में अंतिम दिन क्या किया ?
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के अपने 74 दिनों के छोटे से कार्यकाल के आखिरी दिन जस्टिस यूयू ललित अलग अंदाज में थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर पहले उसकी सीढ़ियों के सामने सिर झुकाया और फिर अपने दफ्तर की ओर आगे बढ़े। उनके साथ उनकी पत्नी अमीता ललित भी थीं। सुप्रीम कोर्ट कैंपस में वे अपने स्टाफ से भी मिले और सर्वोच्च अदालत में उनके कार्यकाल के दौरान उनसे मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।












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