पंजाब के पूर्व सिविल जज के पास मिली 50 लाख की संपत्ति, आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार

सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सोमवार को पंजाब के पूर्व सिविल जज मनमोहन सिंह वालिया को दोषी करार दिया। कोर्ट के अनुसार, वालिया ने अपने ज्ञात स्रोतों से 50 लाख की संपत्ति एकत्रित की है।

चंडीगढ़। सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सोमवार को पंजाब के पूर्व सिविल जज मनमोहन सिंह वालिया को दोषी करार दिया। कोर्ट के अनुसार, वालिया ने अपने ज्ञात स्रोतों से 50 लाख की संपत्ति जोड़ी की है। वालिया को अतिरिक्त जिला और सत्र जज गगन गीत कौर की अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1), (2) के तहत अपराधों का दोषी ठहराया था। इस मामले में सजा 21 दिसंबर को सुनाई जाएगी।

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पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों पर 24 मार्च 1 99 8 को सीबीआई ने वालिया के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शुरुआत में, चंडीगढ़ पुलिस ने हाईकोर्ट की एक आंतरिक जांच के बाद इस मामले की जांच की थी जिसमें वालिया दोषी पाए गए। हाईकोर्ट की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने 3 फरवरी 1998 को तब भटिंडा कोर्ट के जज रहे वालिआ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। उन्हें नवंबर 1997 में निलंबित कर दिया गया था और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

अदालत ने पूर्व हाईकोर्ट वकील बीएस बिंद्रा और उनकी पत्नी गुड्डी मनजीत की शिकायत पर वालिया के खिलाफ कार्रवाई की थी। बिंद्रा ने अपनी शिकायत में कहा था कि सेक्टर-9 में एक घर का आधा हिस्सा उनके नाम पर और आधा हिस्सा एनआरआई एचपी सिंह के नाम पर था, जो वालिया ने सिंह के नाम पर अपने हिस्से कर लिया था।

जब सीबीआई की जांच शुरू की तो वालिया के खिलाफ कई खुलासे हुए। सीबीआई को वालिया और उनके परिवार के कई खातों और संपत्ति के बारे में पता चला। 1998 में दर्ज हुए केस पर अब जाकर फैसला आया है।

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