जब अमेरिका में बेटे के साथ रेस्टोरेंट गए एस जयशंकर, सुनाया दिलचस्प वाकया, सुनकर आपको भी होगा गर्व

नई दिल्ली, 17 अगस्त। कोरोना के खिलाफ लड़ाई दुनियाभर के देशों के लिए काफी मुश्किल थी। तमाम देशों में लाखों लोगों ने कोरोना अपनी जान गंवा दी और करोड़ो लोग कोरोना संक्रमित हुए। लेकिन कोरोना की इस भयावह बीमारी से लड़ने के लिए कोरोना वैक्सीन वरदान साबित हुई और एक बार फिर से पूरी दुनिया सामान्य जनजीवन की तरफ लौट सकी। भारत में भी 200 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लोगों को दी जा चुकी है। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि भारत में कोविन ऐप पर लोगों को ना सिर्फ कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए टाइम स्लॉट मुहैया कराया गया बल्कि इसी ऐप पर उन्हें कोरोना वैक्सीन का सर्टिफिकेट भी मुहैया कराया गया, जोकि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धता है।

साझा किया दिलचस्प वाकया

साझा किया दिलचस्प वाकया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कोरोना काल में इस ऐप ने जिस तरह से लोगों की मदद की उसकी उसकी तारीफ की है। एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री ने एक दिलचस्प वाकया साझा किया है जिसमे उन्होंने बताया कि जब वह अमेरिका में एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गए तो उनके साथ क्या हुआ। गौर करने वाली बात है कि एस जयशंकर का बेटा अमेरिका में ही रहता है। जब विदेश मंत्री अपने बेटे के साथ यहां के एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गए तो उनसे रेस्टोरेंट में कोरोना वैक्सीन का सर्टिफिकेट मांगा गया था।

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     बेटे के साथ गए थे रेस्टोरेंट

    बेटे के साथ गए थे रेस्टोरेंट

    एक कार्यक्रम में अमेरिका के इस वाकये को साझा करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जब कोरोना के चलते लगी पाबंदी को 2021 अमेरिका में हटाया गया और लोगों को अमेरिका आने की अनुमति दी गई तो मैं अमेरिका गया था। मेरा बेटा अमेरिका में रहता है, मैं उसके साथ एक रेस्टोरेंट गया, जहां वो लोग हमारा कोरोना सर्टिफिकेट देखना चाहते थे। मैंने अपना कोरोना वैक्सीन का सर्टिफिकेट मोबाइल पर दिखाया। लेकिन मेरे बेटे ने अपनी एक कागज दिखाया, उसने अपना मुड़ा हुआ कागज निकालकर दिखाया, जोकि उसे मुहैया कराया गया था।

    कहां अमेरिका और कहां हम

    कहां अमेरिका और कहां हम

    मैंने उसका पेपर देखने के बाद खुद से कहा हम लोग कहां हैं और ये लोग कहां हैं। कोरोना काल में कोविन प्लेटफॉर्म का आइडिया ये था कि मेरी तरह हर किसी को यह सर्टिफिकेट अपने फोन पर मिल सके, आप जहां भी जाएं उसे दिखा सके कि आपने कब वैक्सीन लगवाई, किस तारीख को लगवाई, कौन सी लगवाई। एस जयशंकर की बात को सुनकर हॉल में हर कोई तालियां बजाने लगा। जयशंकर ने कहा कि भारत जैसा यह सिस्टम दुनिया के कई देशों में नहीं है।

    सरकार ने शुरू किया था कोविन ऐप

    सरकार ने शुरू किया था कोविन ऐप

    गौर करने वाली बात है कि कोविन ऐप की शुरुआत कोरोना काल में की गई थी। इस ऐप के जरिए कोरोना काल में लोगों को कोरोना से जुड़ी कई जानकारियां मिलती थीं। यहां तक कि आपके आस-पास कौन कोरोना संक्रमित है और इसकी जानकारी भी इस एप पर उपलब्ध होती है। लोगों के पास वैक्सीन लगवाने के लिए स्लॉट लेने तक की भी सुविधा यहां पर उपलब्ध थी। लोग अपनी पसंद की वैक्सीन, किस सेंटर पर लगवानी है, किस समय लगवानी है, ये सब उस एप पर जाकर चुन सकते थे। इस ऐप पर देश में कोरोना के कितने मामले हैं, इससे जुड़ी पूरी जानकारी मुहैया कराई जाती है।

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