चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की मुलाकात, जानिए राहुल गांधी ने क्यों उठाए सवाल
Jaishankar meets Xi Jinping: बीजिंग में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक के अवसर पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस भेंट को भारत-चीन संबंधों में संवाद और संतुलन के नए आयाम देने वाली पहल माना जा रहा है। जयशंकर ने राष्ट्रपति शी को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं और द्विपक्षीय संबंधों में हुई हालिया प्रगति से अवगत कराया।
लेकिन इस राजनयिक पहल के बीच विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुलाकात को लेकर सवाल उठाते हुए तंज कसा है और इस तमाशा करार दे दिया है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुलाकात को लेकर सवाल उठाते हुए तंज कसते हुए कहा कि, 'मुझे लगता है कि अब चीनी विदेश मंत्री आएंगे और प्रधानमंत्री मोदी को भारत-चीन संबंधों में हालिया घटनाक्रमों की जानकारी देंगे। उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर पर भारत की विदेश नीति को बर्बाद करने के उद्देश्य से पूरा तमाशा चलाने का भी आरोप लगाया।
SCO विदेश मंत्रियों के साथ जयशंकर ने की थी मुलाकात
बता दें कि, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बीजिंग में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण भेंट की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'आज सुबह बीजिंग में SCO विदेश मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर मैंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मैंने राष्ट्रपति शी को भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हालिया प्रगति से अवगत कराया और इस दिशा में हमारे नेतृत्व द्वारा दिए गए मार्गदर्शन की सराहना की।
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जयशंकर-शी जिनपिंग मुलाकात पर गरमाई सियासत
यह मुलाकात आपसी समझ को गहराने और सहयोग को मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने द्विपक्षीय रिश्तों में 'सकारात्मक प्रगति' का संकेत बताया और कहा कि यह भारत और चीन के बीच संवाद व संतुलन को नया आयाम दे सकती है। लेकिन अब इस मुलाकात को लेकर विपक्ष के सबसे बड़े नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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