मिशन 272: मोदी लहर को तूफान में बदलो भाजपा
बैंगलोर। चुनाव के इस मौसम में भाजपा की बयार चल रही है, हर तरफ डीयर मोदी जी का हल्ला बोल है. पर यह चुनावी बयार कब कहाँ का रुख ले ले कुछ निर्धारित नहीं है।
यह बात अब यूनिवर्सल सत्य की तरह हो गई है कि नरेन्द्र मोदी जनता के डिमाण्ड की हाई पीक पर पहुँच चुके हैं पर अब भी इस चुनाव में मोदी जी की फतह के लिए रास्ता इतना सरल नहीं है,मोदी मिशन 272 अब भी 272 की सीट पर पहुँचने में कामयाब नहीं हुआ है।
क्या बुजुर्गों का दिल दुखाकर बीजेपी पायेगी सत्ता?
एनडीटीवी के ओपेनियन पोल से पता चला है कि भाजपा अभी 195 सीट तक ही पहुच पाई है और बात अगर एनडीए की संयुक्त रुप से करें तो इसे मिलीं है 229 सीट। स्थिति साफ दर्शा रही है कि अभी मोदी की जीत के लिए और मशक्कत करने की आवश्यकता है।
हाल ही में इण्डियास्पेण्ड के संस्थापक प्रवीण चक्रवर्ती ने अपनी वेबसाइट पर भाजपा की स्थिति के संदर्भ में चुनावी आकलन किया है. उनका मानना है-अगर भाजपा चुनाव में 50 फीसदी सीट का लक्ष्य पूरा करना चाहती है तो उसे अभी 18 प्रमुख राज्यों में कम से कम 5 फीसदी अधिक सीट प्राप्त करनी होगी।
इसके अतिरिक्त अभी भाजपा को मोदी की लहर को 5 फीसदी और बढाना होगा. फिर चाहे यह काम भाजपा अकेले करे या संयुक्त गठबंधन के स्तर पर करे।
इसके अलावा चक्रवर्ती ने विश्लेषित किया है कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटका, दिल्ली, गुजरात, झारखण्ड और केरल ऐसे 9 राज्य है जहाँ भाजपा बिना गठबंधन के सहारे भी सीट हासिल कर सकती है।
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अकेले कामयाब होना मुश्किल
से 9 राज्य और हैं जहाँ भाजपा को अपने संयुक्त गठबंधन स्तर पर प्रयास करने होंगे।यह राज्य हैं महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, आन्ध्रप्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा, असम, पंजाब और हरियाणा। इन राज्यों में भाजपा अकेले कामयाब नहीं हो सकती।

क्षेत्रीय दलों का साथ
भाजपा का अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन औसतन 45 फीसदी रहा है और अगर इस औसत से अभी की स्थिति पर गौर करें तो इसे मिलेंगी 509 में से 230 सीट।
इसलिए चक्रवर्ती का मानना है कि यदि भाजपा अपने संयुक्त गठबंधन स्तर पर खासकर क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर प्रयास करती है तो उसे 357 सीट भी मिल सकती है जो की गठबंधन की राजनीति में एक ऐतिहासिक जीत साबित होगी।

मोदी लहर
इसीलिए जरूरत है मोदी की लहर को 45 फीसदी से 50 फीसदी तक विस्तृत करने की ताकि भाजपा एक ऐतिहासिक प्रदर्शन दे सके।

भाजपा गठबंधन स्तर पर अच्छा प्रदर्शन
चक्रवर्ती का यह आकलन आन्ध्रा विभाजन से पहले का है,जैसा कि असम, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में भाजपा का गठबंधन नहीं है पर फिर भी बिहार, तमिलनाडु ऐसे राज्य है जहाँ भाजपा गठबंधन स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।

आम आदमी पार्टी अभी भी रो़ड़ा
तेलंगाना और सीमान्ध्र में पार्टी तेदेपा के साथ कैसा प्रदर्शन करती है यह अभी तय नहीं है पर दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी भाजपा के लिए बाधा है। बहरहाल जो भी हो भाजपा के लिए जरुरी है की वो मोदी की लहर को तूफ़ान में तब्दील कर दे ताकि जीत का सेहरा मोदी के सिर बंध पाए।












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