Bharat Vs India:सद्गुरु के पोस्ट को Dhruv Rathee ने बताया 'देश-विरोधी' एजेंडा, अब Gaurav Taneja ने ऐसे कसा तंज
Bharat Vs India: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने साफ कर दिया कि पाठ्यपुस्तकों में "भारत" और "इंडिया" का परस्पर उपयोग किया जाएगा, जैसा कि देश के संविधान में है। हाल ही में एनसीआरटी निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा है कि दोनों शब्दों का इस्तेमाल किताबों में किया जाएगा और 'भारत' या 'इंडिया से कोई परहेज नहीं है। लेकिन सोशल मीडिया पर भारत Vs इंडिया की अलग ही जंग जारी है।
भारत बनाम इंडिया को लेकर सबसे पहले योगी सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने अपनी एक्स पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद सद्गुरु के पोस्ट पर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कुछ ऐसा कहा, जिससे विवाद हो गया, जिसमें अब फ्लाइंग बीस्ट यूट्यूबर गौरव तनेजा भी कूद पड़े। अब उन्होंने ध्रुव राठी की क्लास लगाई है।

जग्गी वासुदेव की पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, न्यूज एजेंसी एएनआई के एक्स पर एनसीआरटी बयान वाले पोस्ट पर सद्गुरु ने रीपोस्ट करते हुए कहा कि, "हमें अंग्रेजों के देश छोड़कर जाने के बाद ही अपना नाम 'भारत' वापस ले लेना चाहिए था। नाम ही सब कुछ नहीं होता, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि देश का नाम इस तरह रखा जाए कि वह सभी के दिलों में गूंजे।"
We should have reclaimed the name ‘Bharat’ when the British left our shores. A name will not do everything but it is important the country is named in a way that reverberates in everyone’s heart. Even though the Nation means everything to us, the word ‘India’ has no meaning. If… https://t.co/ycsRZz2zGK
— Sadhguru (@SadhguruJV) June 18, 2024
उन्होंने आगे लिखा,"भले ही राष्ट्र हमारे लिए सब कुछ है, लेकिन 'भारत' शब्द का कोई मतलब नहीं है. अगर हम आधिकारिक तौर पर राष्ट्र का नाम नहीं बदल रहे, तो अब समय आ गया है कि हम कम से कम 'भारत' को अपनी दैनिक बोलचाल में शामिल करें। युवा पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि भारत का अस्तित्व इंडिया के जन्म से बहुत पहले से है।"
यहां हुई यूट्यूबर ध्रुव राठी की एंट्री
वहीं सद्गुरु जग्गी वासुदेव की इस पोस्ट पर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कुछ ऐसा लिखा, जो विवाद का कारण बन गया। ध्रुव ने रिप्लाई करते हुए इसे 'देश-विरोधी' एजेंडा करार दिया। ध्रुव राठी ने लिखा कि, "क्या आप अपने भारत विरोधी एजेंडे पर लगाम लगा सकते हैं जगदीश वासुदेव? सब जानते हैं कि हमारे संविधान में इंडिया और भारत दोनों लिखा है, लेकिन सिर्फ राजनीति के लिए आप फूट डालो और राज करो का गंदा खेल खेल रहे हैं।"
Why can’t different opinions exist on the internet.
— Gaurav Taneja (@flyingbeast320) June 19, 2024
Why do some foreigners want to control all content on the internet.#Dictator pic.twitter.com/sob6e19IG5
गौरव तनेजा ने ध्रुव राठी को घेरा
इसके बाद यह विवाद यहीं शांत नहीं हुआ, ध्रुव राठी को जल्द ही एक अन्य YouTuber गौरव तनेजा की आलोचना का सामना करना पड़ा, जिन्होंने "स्वतंत्र भाषण" की वकालत की। गौरव तनेजा ने निशाना साधते हुए लिखा कि, "इंटरनेट पर अलग-अलग राय क्यों नहीं हो सकती? कुछ विदेशी लोग इंटरनेट पर सभी सामग्री को नियंत्रित क्यों करना चाहते हैं?"
इसी के साथ गौरव तनेजा ने अपनी पोस्ट को "तानाशाह" हैशटैग के साथ पूरा किया। बता दें कि भारत बनाम इंडिया की बहस तब शुरू हुई जब दुनियाभर के नेताओं को भेजे गए G20 आमंत्रणों को 'इंडिया के राष्ट्रपति' के बजाय 'भारत के राष्ट्रपति' से संबोधित किया गया। बाद में नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेमप्लेट पर भी इंडिया के बजाय 'भारत' लिखा हुआ था।












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