अब एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच में बैग से निकालने होंगे ये आइटम, प्रक्रिया को तेज करने के लिए निर्देश जारी
अब एयरपोर्ट पर यात्रियों को अपने हैंडबैग से वॉलेट, मोबाइल फोन, चार्जर समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक आइटम और बाकी चीजें अलग स्क्रीनिंग के लिए निकालनी होंगी। अभी तक केवल लैपटॉप और टैब को अलग स्क्रीनिंग के लिए निकालना होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

नई दिल्ली। अब एयरपोर्ट पर यात्रियों को अपने हैंडबैग से वॉलेट, मोबाइल फोन, चार्जर समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक आइटम और बाकी चीजें अलग स्क्रीनिंग के लिए निकालनी होंगी। अभी तक केवल लैपटॉप और टैब को अलग स्क्रीनिंग के लिए निकालना होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हैंडबैग से बाकी चीजों को अलग स्क्रीनिंग के लिए निकालने का निर्देश सिक्योरिटी क्लीयरेंस में तेजी लाने के लिए लिया गया है।

अब एयरपोर्ट पर बैग से हटाने होंगे ये आइटम
एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी क्लीयरेंस को तेज किया जा सके, इसलिए यात्रियों को अब अपने हैंडबैग से कई चीजों को अलग स्क्रीनिंग के लिए निकालना होगा। पिछले कुछ दिनों में एयरपोर्ट पर देखा गया है कि यात्री अपने बैग में कई तरह की चीजें लेकर जा रहे हैं। इसमें बड़े आकार के पेन भी देखे गए हैं जिनमें चाकू भी होता था। सीआईएसएफ अधिकारी के मुताबिक, 'हैंडबैग स्क्रीनिंग के वक्त देखा गया है कि बैग में काफी सामान पड़ा है। ऐसे में जब स्क्रीनिंग में उसकी सही तस्वीर नहीं आती तो यात्रियों से चार्जर और बाकी इलेक्ट्रॉनिक आइटम को हटाने के लिए कहा जाता है।'

बैग को खुद जांचने से धीमी होती है जांच प्रक्रिया
'अगर बैग में मौजूद पेन भारी लगता है, तो उसकी भी जांच की जाती है कि कहीं उसमें चाकू तो नहीं है। इन बैग्स को हमें हाथ से ही चेक करना पड़ता है जिससे सिक्योरिटी क्लीयरेंस में टाइम लगता है। ऐसे में बैग से इन चीजों को निकालकर स्क्रीनिंग की प्रक्रिया में तेजी आएगी और इससे क्वालिटी पर भी असर नहीं पड़ेगा।' दिल्ली समेत देशभर में स्क्रीनिंग की नई प्रक्रिया पर पिछले कुछ हफ्तों से अमल किया जा रहा है।

'हैंडबैग में बुलेट्स तक ले आते हैं यात्री'
इसके साथ ही सीआईएसएफ ने प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक (PESC) प्वाइंट पर बोर्ड लगाए हैं ताकि यात्रियों को पता लग सके कि क्या चीजें उन्हें फ्लाइट में ले जाने की अनुमति नहीं है और वो इसे पहले ही निकाल लें। मालूम चला है कि लाइसेंस बंदूक रखने वाले यात्री अपने हैंडबैग में बुलेट्स भी ले आते हैं। ऐसे में स्क्रीनिंग के दौरान चेकिंग में इन चीजों को निकालने के कारण प्रक्रिया धीमी हो जाती है और वहां लंबी लाइन लग जाती है।

इस स्कैनर से आसान हो सकता है काम
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 3 डी-आधारित गणना वाले टोमोग्राफी स्कैनर की पेशकश की जा रही है जिसे न्यूयॉर्क के जेएफके और लंदन के हीथ्रो जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर टेस्ट किया गया है। इस स्कैनर में यात्रियों को सुरक्षा जांच के लिए लैपटॉप और लिक्विड की छोटी बोतलें को बैग से निकालने की आवश्यकता नहीं होती है।












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