बारिश ने धरती की जन्नत को बना डाला जहन्नुम
श्रीनगर। 'अगर स्वर्ग है कहीं तो बस यहीं हैं यहीं हैं,' कश्मीर घाटी के लिए अक्सर लोग यहीं बातें करते हैं लेकिन आजकल बारिश की वजह से यह जन्नत, जहन्नुम में तब्दील हो गई है।
पिछले 70 घंटों से भी ज्यादा समय से बारिश जारी है। इसकी वजह से जम्मू और घाटी के हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पूरे राज्य में बाढ़ का अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
जम्मू-श्रीनगर हाइवे बंद है और आम जनजीवन खासा प्रभावित है। हालात इतने खराब हैं, सीमा पर तैनात हमारी सेना को भी राहत कार्यों में जुटना पड़ा है। वहीं शुक्रवार को वैष्णो देवी में से भूस्खलन की खबरें आईं हैं।
इस भूस्खलन की वजह से वहां पर करीब 10,000 तीर्थयात्रियों के फंसने की खबरें आ रही हैं। बाढ़ से अब तक यहां पर करीब 70 लोगों के मरने की खबरें हैं।
तस्वीरों में देखिए कैसे जम्मू से लेकर घाटी तक बाढ़ ने हाहाकार मचा रखा है और अब लोग क्यों यहां पर बारिश न होने के लिए प्रार्थना करने पर मजबूर हो गए हैं।

सुरक्षित जगह पर जाने की जद्दोजहद
गुरूवार को कश्मीर के नागरिक बाढ़ के पानी की तेज धारों से बचने की कोशिश करते नजर आए। एक दूसरे का हाथ थाम सभी जल्द से जल्द किसी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचना चाहते थे।

पुल टूटने से आई नई आफत
पुंछ स्थित दोरु वेरिनाग पुल गुरुवार को भारी बारिश और बाढ़ की वजह से टूट गया। इस पुल के टूटने के बाद यहां के नागरिकों पर नई आफत आई।

बारिश बनी 70 लोगों का काल
गुरुवार को बारातियों से भरी एक बस जब जम्मू के राजौरी से गुजर रही थी तभी नदी में तेज बहाव की वजह से वह बह गई। इस हादसे में 70 लोगों के मारे जाने की खबरे हैं।

सेना ने पहुंचाई मदद
कश्मीर के कुलगाम बाढ़ की वजह से मीरबाजार गांव में खासा प्रभाव देखने को मिल रहा है। बुधवार को जब यहां पर भारतीय सेना के जवान पहुंचे तो गांववासियों को थोड़ी राहत मिली। सेना ने यहां पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया।

लोग परेशान
कश्मीर का कुलगाम बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां पर मीरबाजार गांव में रहने वाले नागरिकों को समझ नहीं आ रहा है कि वह इन हालातों से निकलकर आखिर कहां जाएं।

सेना ने बंधाया ढांढस
कुलगाम के मीरबाजार गांव में सेना ने रस्सी के सहारे लोगों को बाढ़ वाले इलाके से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया।

कुलगाम का आकरन नाओपोरा गांव
कुलगाम के आकरन नाओपोरा गांव में लोगों का बुरा हाल है। यहां पर भारी बारिश और बाढ़ की वजह से लोगों के घर तक बह गए हैं।

कुमाऊंनी चौक का हाल
श्रीनगर के बेमिना इलाके के कुमाऊंनी चौक पर पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भी यहां पर हालातों में कोई सुधार नहीं हो सका है।

सड़कें पानी में डूबी
श्रीनगर की हमदानियो कॉलोनी में गुरुवार को बारिश की वजह से सड़कें तक डूब गई थीं। लोगों को हर कदम संभाल-संभालकर रखना पड़ रहा था।

सड़क- पुल सब गायब
पुंछ में जो दोरु वेरीनाग पुल टूटा है, वह अनंतनाग को भी जोड़ता है। अनंतनाग जिले में सड़क और पुल सबकुछ बारिश में बह गया।

विस्थापन को मजबूर लोग
श्रीनगर के बेमिना इलाके में बाढ़ की वजह से लोगों को दूसरी जगह जाना पड़ गया।

पूरी तरह से आवाजाही बंद
बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित श्रीनगर-जम्मू हाइवे को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। यहां से सिर्फ सेना के वाहनों और जरूरी वाहनों को ही गुजरने की इजाजत है।

पानी का तांडव
बुधवार को जम्मू के पुंछ जिले में बाढ़ का नजारा कुछ ऐसा नजर आ रहा था।

बाढ़ ने ढाया कहर
यह एक और तस्वीर पुंछ में बाढ़ के खतरनाक हालातों को बयां कर रही है।

मुख्यमंत्री अब्दुल्ला पहुंचे जायजा लेने
गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने झेलम नदी के आसपास स्थित इलाकों का दौरा किया और यहां पर मौजूद बाढ़ की स्थिति का अंदाजा लगाने की कोशिश की।

देखते-देखते गिर गई बिल्डिंग
भारी बारिश की वजह से पुंछ में यह बिल्डिंग देखते-देखते पानी में बह गई।












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