1 घंटे की देरी और बच गई मोदी की जान, मलेशिया विमान की रूट पर ही था उनका विमान

घटना के बाद फ्लाइट का रास्ता बदलकर मोदी को भारत पहुंचाया गया। एक अंग्रेजी अखबार की मानें तो मलेशिश एयरलाइंस के विमान को उड़ाने की घटना से दो घंटे पहले ही नरेन्द्र मोदी के विमान ने जर्मनी के फ्रेंकफर्ट से उड़ान भरी थी। मोदी एयर इंडिया के विमान में सवार थे। प्लेन ने 11.21 (जीएमटी) बजे फ्रेंकफर्ट से उड़ान भरी थी। प्लेन को फ्रेंकफर्ट से दोनेत्सक तक पहुंचने में तीन घंटे लगते। एविएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब एक घंटे बाद मोदी का विमान यूक्रेन फ्लाइट इंर्फोमेशन रीजन में प्रवेश करता।
हालांकि अधिकारी ने साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री के प्लेन को कोई खतरा नहीं था लेकिन यह स्पष्ट है कि जिस इलाके से विमान को उड़ना था वह वही था। यह पायलट को फैसला करना था कि वह प्लेन को रूस के ऊपर डायवर्ट करे या काला सागर की तरफ। हालांकि अधिकारी ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि किस विकल्प को चुना गया।
5 महीने के भीतर मलेशिया एयरलाइंस के साथ दूसरा हादसा
मलेशिया के लिए 5 महीने बाद एक बार फिर वक्त ठहर-सा गया। पांच महीने में दूसरी बार उसे जख्म मिला और वो भी उसी अंदाज में। फर्क बस इतना है कि पहले एक विमान रहस्यमयी अंदाज में मुसाफिरों समेत गायब हो गया था और अब दूसरा विमान सभी यात्रियों समेत कब्रगाह बन गया। पांच महीने में मलेशियाई विमान ने 537 जिंदगियों को तबाह होते देखा। 8 मार्च को जो हादसा हुआ उसका तो सुराग भी नहीं मिला। 239 मुसाफिरों को लेकर MH239 कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा था तभी अचानक गायब हो गया।












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