कितने खराब होते हैं भारत के हवाई यात्री, हर बार टॉयलेट करनी पड़ती है चेक
नई दिल्ली। किसी यात्रा के लिए उड़ान भरते समय, क्या आपने कभी सोचा है कि आप किस तरह के यात्री हैं? आप फ्लाइट क्रू के साथ कितने अच्छे है या फिर आपका रवैया कितना बुरा है। यह आपके व्यवहार पर निर्भर करता है। अक्सर सुनने में आता है कि, कई एयरलाइंस के फ्लाइट अटेंडेंट भारत से या फिर भारत के लिए उड़ान भरने के लिए उत्सुक नहीं होते हैं। क्या इसके पीछे का कारण भारत के यात्रियों का व्यवहार है? इन सवालों के जवाब Quora नाम की एक वेबसाइट पर एक एयरलाइंस के फ्लाइट अटेंडेंट श्रेयस पारिख ने दिए। श्रेयस पारिख ने इन सवालों के जवाब देते आपने साथ के कई बुरे अनुभवों को शेयर किया। उन्होंने कहा कि, हमसे से अधिकांश इसे नापसंद करते हैं लेकिन हममें से कुछ भारत में उड़ना पसंद करते हैं। अधिकांश भारतीय यात्रियों को संभालना आसान है, लेकिन वे अन्य यात्रियों की तुलना में थोड़ा अधिक डिमांडिंग होते हैं।

फ्लाइट में बहुत शराब पीते हैं यात्री
श्रेयस ने कुछ प्रमुख समस्याओं के बारे में बात की जिनका सामना उन्होंने भारत से आने-जाने वाले यात्रियों के साथ किया है। वह भारतीय यात्रियों के बारे में बात करते हुए कहते हैं, वे बहुत अधिक डिमांडिंग होते है, खासतौर पर फ्लाइट में बोर्डिंग के समय। वे जैसे ही फ्लाइट में घुसते हैं, पानी की मांग करने लगते हैं। श्रेयस ने बताया कि, भारतीय यात्री फ्लाइट के दौरान बहुत अधिक शराब पीते हैं। हालांकि उनका कहना था कि, उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है जिसमें किसी भारतीय ने शराब के नशे में उनके साथ बदतमीजी की हो।

सबसे अधिक व्हीलचेयर का उपयोग करते हैं
श्रेयस ने भारतीय यात्रियों की एक और समस्या गिनाते हुए कहा कि, भारतीय य़ात्री एयरपोर्ट पर सबसे अधिक व्हीलचेयर का उपयोग करते हैं। अपने स्वयं के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने एक उड़ान के बारे में बताया कि, एक फ्लाइट के दौरान भारतीयों द्वारा 74 व्हीलचेयर का उपयोग किया गया था। इसके आलाव उन्होंने बताया कि, भारतीय यात्री अन्य देशों के यात्रियों की अपेक्षा विशेष भोजन की बहुत मांग करते हैं। उन्होंने उन सभी स्पेशल खाने के बारे में बताया कि, जो एक ही फ्लाइट में 182 यात्रियों को परोसे जाने थे। श्रेयस ने अपनी तुलना एक बिना सिर के मुर्गे से की जो फ्लाइट में हर एक यात्री को स्पेशल खाना दे रहा था।

भारतीयों को शिकायत करना अच्छा लगता है
उन्होंने बताया कि, भारतीय यात्रियों में शौचालयों को साफ रखने की मूल भावना का अभाव है। जिसके चलते केबिन क्रू को लगातार शौचालयों की जांच करनी पड़ती है।अन्य समस्या के बारे में बताते हुए श्रेयस ने कहा कि, बिजनेस क्लास में सफर करने वाले यात्री केबिन को अपनी पर्सनल मेड की तरह ट्रीट करते हैं। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि भारतीय यात्रियों को लगातार शिकायत करने की समस्या है और भारतीय यात्रियों को बिना किसी कारण के लगातार घूरने की भी समस्या है। श्रेयस ने भारतीय इमीग्रेशन प्रक्रिया को भी बोझिल बताया। हालाँकि, श्रेयस ने यह कहा कि भारतीयों को शिकायत करना अच्छा लगता है लेकिन वे तारीफ भी करते हैं।












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