अलविदा 2018: पढ़िए इस साल कब और किस नेता ने 'उगला जहर', जिससे बढ़ा विवाद
नई दिल्ली। एसोसिएशन फोर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) के रिपोर्ट के अनुसार इस साल देश में अलग-अलग पार्टियों के कई नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ कई नफरत भरे भाषण दिए। बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक और सांसदों से लेकर विधायकों तक देश के नेताओं ने जमकर एक दूसरे के खिलाफ नफरत भरे भाषण देकर चर्चा में बने रहे। नफरत भरे भाषणों के मामलों में बीजेपी के नेताओ के खिलाफ सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है। इसके अलावा AIUDF, TRS, TMC, PMK, AIMIM और SHS जैसी पार्टियों के नेता भी एक दूसरे के खिलाफ कई बार जहर उगल चुके हैं। एक नजर डालते इस साल के उन नफरती भाषणों पर जो मीडिया में शुर्खियों की वजह बने...

बीजेपी नेता सुरेंद्र सिंह
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बैरिया सीट से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उनकी तुलना शूर्पणखा से कर दी थी। इस साल अप्रैल में कहा था, 'पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शूर्पणखा की भूमिका निभा रही हैं। लोग सड़कों पर मारे जा रहे हैं और वह मुख्यमंत्री होने के बावजूद कुछ नहीं कर रही हैं, ऐसे नेता अच्छे नहीं हैं। बंगाल में हिंदू असुरक्षित हैं। यदि इसके बारे में कुछ भी नहीं किया जाता है, तो बंगाल को जम्मू-कश्मीर जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।'

बीजेपी नेता राजा सिंह
तेलंगाना से बीजेपी नेता और विधायक राजा सिंह अपनी जुबान से आग उगलते हुए रोहिग्या शरणार्थियों को गोली मारने तक की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने कहा, 'अगर ये लोग अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या शराफत से नहीं लौटते हैं तो उन्हें उनकी भाषा में समझाने की जरूरत है। उन्हें गोली मार देनी चाहिए तभी भारतीय सुरक्षित रह सकेंगे।' उन्होंने कहा कि इस तरह के अवैध प्रवासियों को कुछ अन्य देशों में भी ‘गोली मार दी गयी और बाहर खदेड़ा गया।

कांग्रेस नेता राज बब्बर
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने पीएम मोदी की मां पर एक विवादित बयान दिया था। इस साल नवंबर में मध्य प्रदेश के इंदौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, 'वह रुपए की गिरती कीमत की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) की उम्र से करते थे। आज रुपए की वैल्यू इतनी गिर गई है कि उनकी (नरेंद्र मोदी) प्यारी मां की उम्र के आसपास है।'

कांग्रेस के नेता शगीर सईद खान
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के पर्यवेक्षक शगीर सईद खान 26 दिसंबर को विवादित बयान देते हुए कहा कि राज्य में अगर उनकी सरकार बनी बीजेपी के नेताओं को फांसी की सजा दी जाएगी। खान ने कहा, 'बीजेपी नेताओं को फांसी देने के लिए कानून बनाएगी। बीजेपी के जो नेता कश्मीर में इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार होंगे, चाहे वह कितना बड़ा और ताकतवर नेता हो, उसे कानून के तहत फंदे पर लटकाया जाएगा। सेना को भी बीजेपी नेताओं के आदेश मानने को मजबूर किया जा रहा है।
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