जम्मू-कश्मीर डीडीसी चुनाव: अनंतनाग की इस सीट पर सिर्फ महिलाएं लड़ रही हैं चुनाव, लोगों की हैं उम्मीद
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के लोग आर्टिकल 370 (Article 370) हटने के बाद पहले चुनाव का हिस्सा बन रहे हैं। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में DDC चुनाव के पहले चरण के तहत मतदान जारी है। 8 चरण में होने वाले डीडीसी चुनाव में इस बार 296 प्रत्याशी मैदान में हैं। खास बात ये है कि इस बार डीडीसी चुनाव में 89 महिलाओं ने भी अपनी दावेदारी ठोकी है। जम्मू-कश्मीर के मतदाता को इन महिलाओं से बहुत सी उम्मीदें हैं। चुनाव लड़ रहीं 89 महिलाओं में अधिकतर ऐसी हैं, जिनका कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं, लेकिन बस आम लोगों को आम चीजें मुहैया कराने के लक्ष्य पर चुनाव लड़ रही हैं। इसके अलावा इन सबके चुनाव लड़ने के पीछे अपनी कोई न कोई खास वजह है। इस चुनावी माहौल में अनंतनाग जिले की डांडीपोरा सीट चर्चा का विषय बनी हुई है और इसकी वजह ये है कि इस सीट से 5 महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं। इनमें से 3 महिलाएं तो निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं और 1 पीडीपी के लिए तो एक कांग्रेस के लिए।

पीडीपी की खालिदा बीबी हैं इलाके में लोगों की उम्मीद
अनंतनाग की डांडीपोरा सीट ST महिलाओं के लिए आरक्षित है। इस सीट से पीडीपी की उम्मीदवार खालिदा बीबी, कांग्रेस की फरहान अख्तर समेत 5 महिलाएं चुनावी मैदान में हैं। श्रीनगर से लार्नू के बीच 120 किमी की दूरी में जब इलेक्शन का कोई हो हल्ला नहीं है, वहीं इसके बाद डांडीपोरा में खालिदा बीबी के उम्मीदवारी के पोस्टर और झंडे से इलाका भरा मिलता है। बिना किसी राजनीतिक बैकग्राउंड के पहली बार खालिदा बीबी पहली बार चुनाव में उतरी हैं। हालांकि, उनके पति गुलजार अहमद खटाना , जो पहले से पीडीपी कार्यकर्ता हैं, उन्होंने 2008 में सरपंच का चुनाव जीता था।
गरीबों की मदद के लिए चुनाव लड़ रही हैं खालिदा
खालिदा गरीबों की मदद करना अपने चुनाव लड़ने का कारण बताती हैं। बीबी ने क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी और पिछले डेढ़ साल की स्थिति में इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'इस क्षेत्र के वंचित लोगों के पास डीसी के कार्यालय का दौरा करने के लिए खर्च करने के लिए पैसे नहीं हैं। उपराज्यपाल के सलाहकारों से मिलने के लिए उन्हें संसाधन कहां से मिलेंगे? वहीं, उनके पति कहते हैं कि उनके पास जो पंचायती शक्तियां है, वो बहुत कम विषय हैं। यह(खालिदा की दावेदारी) एक बड़ा मंच है, जो हमारे क्षेत्रवासियों के लिए काम करने का अधिक अवसर देगा।
सड़क, बिजली और अस्पताल के लिए चुनाव लड़ रही हैं कांग्रेस उम्मीदवार
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खालीदा बीबी के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं कांग्रेस प्रत्याशी फरहान अख्तर का कहना है कि उनका अभियान 'काफी हद तक डोर-टू-डोर' रहा है। उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर में "मुश्किल सुरक्षा माहौल" को देखते उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इसके अलावा उनके मुख्य मुद्दे सड़क, बिजली और अस्पताल हैं। साथ ही धारा 370 की बहाली भी उनके लिए एक बड़ी लड़ाई है। कांग्रेस प्रत्याशी का कहना है कि आर्टिकल 370 की बहाली का मुद्दा हमारे वरिष्ठ नेता उठा रहे हैं। साथ ही हमारी कोशिश ये है कि छात्रों को बेस्ट कनेक्टिविटी दी जाए ताकि शिक्षा के लिए उनको संघर्ष ना करना पड़ा।
डांडीपोरा के लोगों के लिए है उम्मीद का चुनाव
आपको बता दें कि इस इलाके में शनिवार को पहले फेज का मतदान जारी है जो सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। इस चुनाव में करीब 43 क्षेत्रों के लिए सात लाख वोटर मतदान करेंगे। डंडीपोरा के निवासी भी इस चुनाव को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं, उनकी इसके परिणामों से काफी उम्मीदें जुड़ी हैं। उनका मानना है कि चुनाव के बाद उन्हें अपने लिए आवाज उठाने वाला नेता मिल जाएगा।












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