Chennai Airport: चलते विमान का इमरजेंसी दरवाजा खोलकर यात्री ने क्यों लगाई छलांग? कौन है वो शख्स?

Chennai Airport Passenger Jumping Reason: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार (3 मई 2026) तड़के एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे एयरपोर्ट को हिलाकर रख दिया। शारजाह से आई एयर अरेबिया की फ्लाइट (Air Arabia Flight) टैक्सीवे पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। लैंडिंग हो चुकी थी, विमान पार्किंग बे की ओर जा रहा था, लेकिन अचानक एक यात्री ने आपातकालीन निकास दरवाजा (Emergency Exit Door) खोल दिया और सीधे नीचे कूद गया।

विमान में सवार 231 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई, विमान को भी कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस एक हरकत ने एयरपोर्ट की पूरी व्यवस्था को एक घंटे के लिए ठप कर दिया। यह घटना सिर्फ एक यात्री की अजीब हरकत नहीं थी। यह हवाई सुरक्षा के सख्त नियमों, यात्री स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति के बीच के संवेदनशील संतुलन की याद दिलाती है। आइए पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं...

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घटना का सटीक क्रम: क्या हुआ 3:25 बजे?

एयर अरेबिया की फ्लाइट G9 471 शारजाह से चेन्नई पहुंची। Airbus A320 विमान ने सुबह करीब 3:23 बजे मुख्य रनवे (07/25) पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान मुख्य रनवे से निकलकर टैक्सीवे V पर धीमी गति से पार्किंग की ओर बढ़ रहा था। ठीक इसी समय, 29 वर्षीय यात्री मोहम्मद शेरिफ मोहम्मद नजमुद्दीन (पुदुक्कोट्टई, तमिलनाडु) ने अचानक इमरजेंसी एग्जिट डोर खोल दिया और बाहर कूद गए।

पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यात्री फ्लाइट के दौरान ही अस्वस्थ महसूस कर रहा था। उसने यात्रा के दौरान दो बार उल्टी की थी और उल्टी जैसा एहसास बार-बार हो रहा था। उतरते समय वह काफी बेचैन नजर आ रहा था। यात्री ने बाद में पूछताछ में कहा कि वह 'अस्थिर' महसूस कर रहा था, इसलिए उसने यह कदम उठाया।

विमान पूरी तरह रुका नहीं था, लेकिन उसकी गति बहुत धीमी थी। पायलट ने तुरंत विमान रोका और ग्राउंड सिक्योरिटी को अलर्ट कर दिया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्री को हिरासत में ले लिया और प्राथमिक जांच के बाद चेन्नई एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दिया।

कोई नुकसान नहीं, फिर भी क्यों मचा हड़कंप?

सभी रिपोर्ट्स में साफ है कि न तो किसी यात्री या क्रू को चोट आई, न विमान को कोई क्षति हुई। इमरजेंसी दरवाजा खुलने पर आमतौर पर स्लाइड ऑटोमैटिक रूप से खुल जाती है, लेकिन चूंकि विमान बहुत धीरे चल रहा था और शायद दरवाजा डिसआर्म्ड स्थिति में था, इसलिए कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। फिर भी, हवाई अड्डे के नियमों के मुताबिक, ऐसी घटना को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाता है।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया। मुख्य रनवे 07/25 को सुबह 3:23 बजे से 4:23 बजे (कुछ रिपोर्ट्स में 4:35 बजे तक) बंद कर दिया गया। सभी आने-जाने वाली उड़ानों को सेकेंडरी रनवे 12/30 पर डायवर्ट कर दिया गया। ब्रिटिश एयरवेज की एक लंदन-बेंगलुरु उड़ान सहित कुछ फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। कम से कम पांच उड़ानों में 35-40 मिनट की देरी हुई। एयर अरेबिया की वापसी फ्लाइट G9 472 शारजाह के लिए तीन घंटे से ज्यादा देरी (7:41 बजे) से रवाना हुई ।

Who Is Passenger Mohammed Sherif Mohammed Najmuddin: यात्री कौन है?

मोहम्मद शेरिफ मोहम्मद नजमुद्दीन तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले के रहने वाले 29 वर्षीय युवक हैं। फिलहाल उनकी मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान उनकी तबीयत खराब होने की वजह से घबराहट बढ़ गई होगी। लेकिन हवाई यात्रा के नियम साफ कहते हैं कि किसी भी यात्री को ऐसी स्थिति में क्रू को सूचित करना चाहिए, न कि खुद से इमरजेंसी दरवाजा खोलना।

Air Safety Regulations: हवाई सुरक्षा नियम क्या? Emergency Exits से छेड़छाड़ पर क्या सजा?

भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के मुताबिक, इमरजेंसी एग्जिट दरवाजा खोलना गंभीर अपराध है। विमान उड़ान भरने से पहले क्रू इन दरवाजों को "आर्म्ड" कर देता है ताकि इमरजेंसी में स्लाइड फुलाकर यात्री बाहर निकल सकें। लैंडिंग के बाद भी कुछ समय तक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू रहते हैं।

ऐसी हरकत पर:

  • जुर्माना: लाखों रुपये तक।
  • जेल: 2-7 साल तक की सजा हो सकती है (Airports Authority of India और DGCA नियमों के तहत)।
  • ब्लैकलिस्टिंग: भविष्य में उड़ान भरने पर प्रतिबंध।

पिछले सालों में भी भारत में ऐसी घटनाएं हुई हैं। दिसंबर 2022 में इंडिगो की एक फ्लाइट में एक यात्री ने उड़ान के दौरान इमरजेंसी दरवाजा खोलने की कोशिश की थी। उस समय भी विमान रनवे पर था। ऐसे मामलों में जांच में मानसिक स्वास्थ्य, शराब या ड्रग्स की जांच भी होती है।

क्यों होते हैं ऐसे अप्रत्याशित व्यवहार?

हवाई यात्रा के दौरान कई यात्री स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझते हैं कि केबिन प्रेशर, डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर आदि। खासकर लंबी उड़ानों में (शारजाह-चेन्नई करीब 4 घंटे की है)। एयरलाइंस को यात्रियों से पहले ही मेडिकल फिटनेस की जानकारी लेनी चाहिए, लेकिन कई बार यात्री खुद इसे छुपा लेते हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार:

  • केबिन प्रेशर और एंग्जायटी: कुछ लोगों में पैनिक अटैक ट्रिगर हो सकता है।
  • मेडिकल इमरजेंसी: अगर यात्री को पहले से कोई बीमारी है तो क्रू को तुरंत बताना चाहिए। फ्लाइट में डॉक्टर या मेडिकल किट उपलब्ध होती है।
  • सुरक्षा संस्कृति: हर यात्री को याद रखना चाहिए कि एक छोटी गलती पूरे विमान और सैकड़ों लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।

चेन्नई एयरपोर्ट पर यह घटना एक बार फिर हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था की ताकत दिखाती है। CISF और एयरपोर्ट पुलिस ने कुछ ही मिनटों में स्थिति संभाल ली।

पुलिस अब यात्री से विस्तृत पूछताछ कर रही है। उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट, मोबाइल फोन डेटा और पिछले यात्रा रिकॉर्ड की जांच हो रही है। एयर अरेबिया और एयरपोर्ट अथॉरिटी भी अपनी रिपोर्ट DGCA को सौंपेंगी। यह घटना यात्री शिक्षा और स्वास्थ्य स्क्रीनिंग पर जोर देती है। एयरलाइंस को लंबी उड़ानों में ज्यादा सख्त मेडिकल चेकिंग और क्रू ट्रेनिंग की जरूरत है। साथ ही, यात्रियों को भी समझना चाहिए कि 'मैं अस्वस्थ महसूस कर रहा हूं' कहकर क्रू की मदद लेना बेहतर है, बजाय खुद को खतरे में डालने के। चेन्नई एयरपोर्ट पर सुबह 4:35 बजे के बाद स्थिति सामान्य हो गई। लेकिन यह एक घंटे की बंदी ने सैकड़ों यात्रियों के कार्यक्रम प्रभावित किए। हवाई यात्रा सुविधाजनक है, लेकिन सुरक्षा सबसे ऊपर है।\

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