संसद में पास हुआ है आधार बिल, ये पांच बातें जानते हैं आप
नई दिल्ली। शुक्रवार को संसद में महत्वपूर्ण आधार बिल पास हो गया है। बड़ी अजीब बात है कि जहां केंद्र में आने से पहले बीजेपी आधार को लेकर शंका में थी तो अब विपक्ष को जासूसी का डर है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ कर दियस है कि इस बिल का मकसद सिर्फ सब्सिडी की रकम को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। इस बिल को किसी भी तरह से गलत तरीक से प्रयोग नहीं किया जाएगा।
आधार पर पिछले कुछ दिनों में कई तरह की बातें सामने आई हैं। अक्टूबर 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले पर एक फैसले से बड़ी राहत दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने चार सरकारी योजनाओं के लिए आधार को मान्यता दी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को ऑनलाइन विड्रॉल की सुविधा लोगों को मिल सकेगी।
एक नजर डालिए इस बिल से जुड़ी पांच खास बातों पर।

182 दिनों पर मिलेगा आधार
अरुण जेटली ने कहा कि इस बिल के जरिए जरूरतमंदों को यूआईडी नंबर देकर कुछ सेवाओं के संपर्क में लाना है। यूआईडी नंबर हर उस व्यक्ति को मिलेगा जो भारत में182 दिन रहेगा।

आधार कार्ड से हुई बचत
संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जानकारी दी कि आधार कार्ड के जरिए एलपीजी ग्राहकों को दी गई सब्सिडी से केंद्र को 15,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है।

राज्यों को हुआ फायदा
जिन चार राज्यों ने इसी तर्ज पर पीडीएस सब्सिडी देनी शुरू की है उन्होंने 2,300 करोड़ रुपए से ज्यादा बचाए हैं।

सूचनाओं के लिए मंजूरी जरूरी
वित्त मंत्री जेटली ने कहा है कि आधार के डाटा को बिना नागरिक की मंजूरी के साझा नहीं किया जाएगा। बायोमैट्रिक डाटा को साझा करने के लिए भी नागरिकों की मंजूरी जरूरी होगी।

कितने व्यस्कों के पास आधार
देश में इस समय 97 प्रतिशत वयस्कों के पास आधार कार्ड है, जबकि 67 प्रतिशत नाबालिगों ने भी आधार कार्ड बनवा लिए हैं। जेटली ने बताया कि रोज पांच से सात लाख लोग आधार से जुड़ रहे हैं।












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