भारत के पहले ट्रांसजेंडर सिपाही ने कराया सेक्‍स चेंज, नेवी ने दिखाया बाहर का रास्‍ता

नई दिल्‍ली। देश का पहला ट्रांसजेडर नेवी सिपाही शाबी इन दिनों अपनी नौकरी को लेकर लड़ाई लड़ रही है। नेवी ने शाबी को नौकरी से हटाने के लिए रक्षा मंत्रालय से सिफारिश की है। नौसेना का कहना है कि किसी महिला को रखना नेवी की नीतियों के खिलाफ है। आपको बता दें कि शाबी अपना सेक्‍स चेंज कराकर महिला बन गई है। पैदाइशी वो पुरुष था और एमके गिरी के नाम से जाना जाता था। हालांकि शाबी ने खुद सेक्‍स चेंज कराने की जानकारी नेवी को दी जिसके बाद से उसे बर्खास्‍त करने की बात चल रही है। आपको बता दें कि शाबी ने सात साल पहले पूर्वी नवल कमांड का मरीन इंजीनियरिंग ज्‍वाइन किया था।

सेक्‍स चेंज कराकर खुश हैं शाबी

सेक्‍स चेंज कराकर खुश हैं शाबी

नौसेना के अनुसार, शाबी ने नियम-कानून तोड़े हैं, इस वजह से उनकी सेवाओं को समाप्त किया जाएगा। शाबी ने सात साल पहले एक पुरुष के रूप में नौसेना में शामिल हुए था। नौसेना के अनुसार, शाबी ने मुंबई से अपना सेक्स चेंज करवाकर अब महिला बना गया है। भले ही नौसेना इस नाविक को बर्खास्त करने का फैसला लेने का विचार कर रही है लेकिन नाविक अपने सेक्स चेंज को लेकर खुश है।

ट्रांसजेंडर के लिए नहीं है कोई विशेष नियम

ट्रांसजेंडर के लिए नहीं है कोई विशेष नियम

दरअसल इस तरह के सेक्स-परिवर्तन ऑपरेशन या सशस्त्र बलों में ट्रांसजेन्डर लोगों से निपटने के लिए कोई विशेष नियम नही है। ये अपने-आप में ऐसा पहला केस है, नाविक ने बिना किसी को बताये मुंबई में ये सर्जरी करा ली थी, जब वो विशाखापट्नम बेस वापस आया, तो उसे SNLR (Service No Longer Required) के तहत सेना से हटाये जाने का फ़ैसला किया गया।

शाबी ने लगाए गंभीर आरोप

शाबी ने लगाए गंभीर आरोप

शाबी का कहना है कि सेक्स बदलवाने के बाद भी उन्हें पुरुष वार्ड में रखा गया जहां तीन जवान 24x7 गार्ड के तौर पर तैनात थे। उन्होंने आगे बताया कि उन्हें छह महीने तक मनोरोग वार्ड में रखा गया और मानसिक तौर पर उनको सताया गया था। शाबी ने आगे कहा कि डॉक्टरों ने उसे मानसिक तौर पर असहाय करने की पूरी कोशिश की लेकिन उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली।

शादी भी हो चुकी है शाबी की

शादी भी हो चुकी है शाबी की

शाबी (उस समय एमके गिरी) ने एक मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में सात साल पहले नौसेना ज्वॉइन किया था। उसके बाद उसकी शादी भी हो गई थी। शाबी का का एक बच्चा भी है। अगर शाबी को सेवाओं से बर्खास्त किया जाता है तो उसे पेंशन और सुविधाएं भी नहीं मिलेगी। क्‍योंकि पेंशन और दूसरी सुविधाओं के लिए नौ सेना में 15 साल की नौकरी करना अनिवार्य होता है।

ये है नियम

ये है नियम

दरअसल देश की तीनों सेना में एक नियम है कि सेना में महिलाओं की नियुक्ति अफसर रैंक पर ही की जाती है। उससे कम साधारण पदों पर महिलाओं की नियुक्ति नहीं होती है। सेक्‍स चेंज करवाने वाला ये शख्‍स नेवी में नाविक यानी सेलर की पोस्‍ट पर नियुक्‍त था। अब भी लड़कियों को छोटी रैंक्स पर भर्ती करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, महिलाएं को अब भी युद्धपोतों पर जाने की, इन्फेंट्री में भर्ती होने की इजाज़त नहीं है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+