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ट्रिपल तलाक के खिलाफ SC में सबसे पहले उठाई आवाज, अब यहां से BJP का टिकट चाहती हैं Shayara Bano

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नई दिल्ली- तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सबसे पहले चुनौती देने वाली याचिकाकर्ता शायरा बानो ने शनिवार को देहरादून में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। हालांकि, पार्टी ने उनके लिए अभी कोई रोल निर्धारित नहीं किया है। लेकिन वह चाहती हैं कि मौजूदा बिहार चुनाव से ही अपनी राजनीतिक पार्टी की सेवा में योगदान देना शुरू कर दें। पार्टी को भी उम्मीद है कि शायरा बानो उसकी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगी। खासकर अल्पसंख्यक वर्ग के बीच जनाधार बढ़ाने को लेकर भाजपा को उनको लेकर काफी भरोसा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी यह नहीं बताया गया है कि किया बानो की इच्छानुसार उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव में कोई खास जिम्मेदारी दी जाएगी या नहीं। जहां तक शायरा बानो की बात है तो वह बिहार चुनाव में काम करने की इच्छा जाहिर करने के साथ ही पार्टी में अपनी आगे की रोल को लेकर भी अपनी ख्वाहिशें जता दी हैं।

First raised voice in SC against triple talaq, now Shayara Bano wants BJP ticket from here

संडे एक्सप्रेस के मुताबिक ट्रिपल तलाक के खिलाफ चेहरा बन चुकीं शायरा बानो ने कहा है कि 'अगर पार्टी मुझे प्रचार के लिए वहां (बिहार) भेजती है तो मैं वहीं से काम की शुरुआत करना चाहूंगी। मैं लोगों को बीजेपी की विचारधारा के बारे में बताऊंगी, जिसने मुझे पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। मैं अल्पसंख्यकों के लिए बीजेपी सरकारों के कामों के बारे में बात करूंगी, खासकर मुस्लिम महिलाओं और समाज के दूसरे दबे-कुचले वर्ग को लेकर हुए कामों के बारे में। पार्टी मुझे जो भी राजनीतिक कार्य देगी मैं उसका पालन करूंगी।' हालांकि, पार्टी फिलहाल शायरा बानो को क्या जिम्मेदारी देना चाह रही है, इसपर कोई फैसला नहीं लिया गया है। मसलन, उत्तराखंड प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष देवेंद्र भसीन ने कहा है, 'आने वाले दिनों में पार्टी उनकी भूमिका को लेकर कोई फैसला करेगी।'

बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रैजुएट शायरा बानो इससे पहले 2018 में भी उत्तराखंड के भाजपा नेताओं से मिल चुकी थीं, लेकिन तब उन्होंने पार्टी में शामिल होने का फैसला नहीं किया था। लेकिन, अब उन्होंने यह फैसला क्यों किया है, इसके बारे में वो कहती हैं कि, 'ट्रिपल तलाक के दुरुपयोग के खिलाफ कानून बनाकर केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के लिए बहुत ही महान काम किया है। एनडीए सरकार अल्पसंख्यकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कई और काम भी कर रही है। लेकिन, विपक्षी पार्टियों ने फर्जी प्रोपेगेंडा चलाकर मुसलमानों को गुमराह किया है और उनके मन में बीजेपी के खिलाफ डर पैदा किया है।'

शायरा बानो को उनके शौहर ने खत के जरिए तलाकनामा भेज दिया था। तब वह उत्तराखंड के काशीपुर में अपने परिजनों के साथ थीं। इसी के बाद 2016 में उन्होंने तलाक-ए-बिद्दत और निकाह हलाला जैसे मुस्लिम परंपराओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी। अपनी याचिका में उन्होंने सर्वोच्च अदालत से कहा था कि 'मुस्लिम शौहरों द्वारा एक ही बार में तीन तलाक का अधिकार एकतरफा, पूरी तरह से भटका हुआ होता है, जिसका कोई औचित्य नहीं है। यह ना तो मुस्लिम संस्कृति की पहचान है और ना ही इस्लामिक कानून का हिस्सा है। इसलिए यह धर्म का हिस्सा नहीं है और इस परंपरा को बचाना सही नहीं है।'

साल 2022 में यूपी के साथ-साथ उत्तराखंड विधानसभा का भी चुनाव होने हैं। अब बानों कह रही हैं कि अगर उन्हें मौका दिया गया तो वह 2022 में उत्तराखंड से चुनाव लड़ना चाहेंगी।

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    English summary
    Shaira Bano, a Muslim face against triple talaq, joined BJP, wants to contest elections in Uttarakhand, wants to campaign in Bihar
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