सीरम इंस्टीट्यूट ने दी एक और अच्छी खबर, Novavax की वैक्सीन का भी उत्पादन हुआ शुरू
नई दिल्ली, 25 जून: कोरोना महामारी के खिलाफ देशभर में टीकाकरण अभियान जारी है। इस बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने एक नया कीर्तिमान रचा, जहां नोवावैक्स के पहले बैच का उत्पादन शुरू हुआ। अभी ये उत्पादन SII के पुणे स्थित ब्रांच में ही हो रहा है। शुरू में तो देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन की डोज ही दी जा रही थी, लेकिन मई से रूस से आई स्पूतनिक का भी वितरण शुरू कर दिया गया। ऐसे में नोवावैक्स देश की चौथी वैक्सीन होगी।

सीरम इंस्टीट्यूट के मुताबिक उन्होंने नई कामयाबी हासिल कर ली है, जहां पुणे में Covovax का उत्पादन शुरू हो गया। ये वैक्सीन नोवावैक्स कंपनी ने बनाई है, लेकिन भारत में उत्पादन के लिए उनका सीरम इंस्टीट्यूट के साथ टाईअप है। जिस वजह से पुणे में उससे जुड़ी सारी व्यवस्थाएं कर दी गईं। इसके साथ ही SII ने एक फोटो भी जारी की है। जिसमें उनके सीईओ अदार पूनावाला वैक्सीन उत्पादन का जायजा लेते नजर आ रहे हैं। वैसे देखा जाए तो कोविशील्ड की तरह ये भी 90.4 प्रतिशत तक असरदार है।
जुलाई से शुरू होगा ट्रायल
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में नोवावैक्स का परीक्षण भारत में शुरू हो सकता है। अगर सब कुछ सही रहा तो सितंबर तक ये वैक्सीन देश में उपलब्ध हो जाएगी। SII का दावा है कि इस वैक्सीन को 18 साल से कम उम्र के बच्चों पर भी प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों ने इन दावों से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्चों पर परीक्षण से पहले इसके बारे में गहन अध्ययन करने की जरूरत है।
ब्रिजिंग ट्रायल में छूट नहीं
हाल ही में भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने एक बड़ा फैसला लिया था। जिसके तहत जिन वैक्सीन को बड़े देशों में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। उनको बिना ब्रिजिंग ट्रायल के भारत में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन नोवावैक्स को इसमें छूट नहीं मिलेगी। DCGI के एक अधिकारी ने बताया कि इसका उत्पादन SII कर रही, ऐसे में कम से कम एक परीक्षण भारत में होना जरूरी है।












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