युवराज सिंह पर हरियाणा पुलिस ने दर्ज की FIR, इंस्टाग्राम लाइव में दलित समाज पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप
युवराज सिंह पर हरियाणा पुलिस ने दर्ज की FIR, इंस्टाग्राम लाइव में दलित समाज पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप
FIR registered against Yuvraj Singh: पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। युवराज सिंह के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। युवराज सिंह के खिलाफ ये एफआईआर हरियाणा पुलिस ने साल 2020 में दलित समाज के लिए की गई अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी के मामले में की है। युवराज सिंह पर आरोप है कि उन्होंने साल 2020 में एक इंस्टाग्राम लाइव के दौरान दलित समाज पर अभद्र टिप्पणी की थी। हरियाणा के हिसार के हांसी थाना पुलिस ने युवराज सिंह के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

युवराज सिंह ने जून 2020 में इंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक 'जातिवादी टिप्पणी' की थी। जिसके आठ महीने बाद हरियाणा पुलिस ने युवराज सिंह पर केस दर्ज किया है।
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युवराज सिंह के खिलाफ रविवार (14 फरवरी 2021) को हिसार के हांसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने युवराज के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 153A, 295, 505 के अलावा एससी / एसटी एक्ट की धारा 3 (1) (आर) और 3 (1) के तहत एफआईआर दर्ज की है। प्राथमिकी हिसार के एक वकील द्वारा युवराज सिंह के खिलाफ की गई है।
जानें युवराज सिंह ने लाइव में क्या कहा था?
साल 2020 जून के महीने में युवराज सिंह टीम इंडिया के मौजूदा ओपनर रोहित शर्मा के साथ इंस्टाग्राम लाइव चैट कर रहे थे। रोहित शर्मा से चैट करते हुए युवराज सिंह बोलते हैं कि कुलदीप भी ऑनलाइन आ गया। जवाब में रोहित बोलते हैं, कुलदीप ऑनलाइन है, ये सब ऑनलाइन हैं, ये सब ऐसे ही बैठे हुए हैं...। उतने में युवराज सिंह कहते हैं कि ये ''भंगी लोगों को कोई काम नहीं है युजी को'' ( युजी यानी युजवेंद्र चहल)
युवराज सिंह को उस वक्त भी युजवेंद्र चहल के लिए जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। सोशल मीडिया पर युवराज सिंह माफी मांगो ट्रेंड कर रहा था। विवाद को बढ़ता हुआ देख युवराज सिंह ने उस वक्त ट्विटर पर माफी भी मांगी थी।
उस वक्त युवराज सिंह ने माफी मांगते हुए ट्वीट किया था, ''मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने कभी भी किसी भी प्रकार की असमानता में विश्वास नहीं किया है चाहे वो जाति, रंग, नस्ल या लिंग के आधार पर हो। मैंने लोगों की सेवा के लिए अपना जीवन दिया है और जारी रख रहा हूं। मैं गरिमा में विश्वास करता हूं। और हर व्यक्ति का सम्मान करता हूं। मैं समझता हूं कि जब मैं अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर रहा था, तो मुझे गलत समझा गया, जो अनुचित था। हालांकि, एक जिम्मेदार भारतीय के रूप में मैं यह कहना चाहता हूं कि अगर मैंने अनजाने में किसी की भावनाओं या भावनाओं को आहत किया है, तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करना चाहता हूं और माफी मांगता हूं।"
8 महीने बाद केस दर्ज क्यों?
शिकायतकर्ता वकील ने जून 2020 में ही हिसार जिले के पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट दर्ज करने और युवराज सिंह को गिरफ्तार करने की मांग की थी। लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी। तब शिकायतकर्ता वकील ने कोर्ट का रूख किया है। अब कोर्ट का आदेश आने के बाद हरियाणा पुलिस ने युवराज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।












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