बेटे के बचाव में मोदी के मंत्री का बयान, रद्दी का टुकड़ा है FIR, भ्रष्ट अफसरों का किया धरा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने सांप्रदायिक हिंसा के आरोपी बेटे पर एफआईआर को बताया रद्दी का टुकड़ा, सवाल करने पर पत्रकार पर भड़के
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नई दिल्ली। बिहार के भागलपुर में हुए सांप्रदायिक हिंसा के मामले में आरोपी बेटे अर्जित चौबे को केंद्र सरकार में मंत्री अश्विनी चौबे ने बेकसूर बताया है। चौबे ने सोमवार को बेटे को निर्दोष बताते हुए क्षेत्र के अधिकारियों पर दंगाईयों के लिए नरम रुख रखने और बेवजह बेटे पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही है, साथ ही पुलिस अधिकारियों पर ही कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कोई भी जांच हो जाए बेटा बेकसूर निकलेगा। चौबे ने राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर राज्य का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। बिहार के भागलपुर में 17 मार्च को नाथनगर में दो पक्षों के बीच हुआ विवाद हुआ था। इसमें अर्जित पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में अर्जित के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है।

इस मामले पर सोमवार को जब पत्रकारों ने अश्विनी चौबे से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ये कोई मामला ही नहीं है और ये एफआईआर रद्दी के टुकड़े से ज्यादा कुछ नहीं है। इस दौरान जब पत्रकार ने कहा कि आप एफआईआर को रद्दी कह रहे हैं जबकि आपके बेटे पर जुलूस में तलवार लेकर चलने और इस जुलूस का नेृतत्व करने का आरोप है जिसमें हथियार लहराए गए। इस पर केंद्रीय मंत्री पत्रकार पर भड़क गए और कहा कि आप बेकार की बात कर रहे हैं, आप जा सकते हैं।
17 मार्च को भागलपुर में शोभायात्रा निकाली गई थी। इसी दौरान हिंसा हुई थी। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित हिंसा भड़काने के आरोपी हैं। ये यात्रा प्रशासन की अनुमति के बिना निकाली गई थी। पिता से पहले अर्जित बिहार के सीएम को खुली चुनौती दे चुके हैं। शाश्वत ने नीतीश कुमार को खुले आम चुनौती देते हुए कहा कि वह कोई अपराधी नहीं है। अर्जित शाश्वत चौबे ने कहा कि मैनें ऐसा कोई अपराध नहीं किया है जिसके लिए मुझे भागना पड़े। प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए प्रशासन ने गलत एफआईआर कराई है, इसलिए वो सरेंडर नहीं करेंगे।












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