असम में राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज, CM हेमंत ने गिनाई धाराएं
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की असम में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई। जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। राज्य के सीएम हिमंत बिस्वा ने इस बात की जानकारी साझा की है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पुलिस ने कांग्रेस सदस्यों द्वारा हिंसा, उकसावे, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए एफआईआर दर्ज की है।

आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस यात्रा को गुवाहाटी से दूर रहने और इसके बजाय गुवाहाटी बाईपास का उपयोग करने का निर्देश दिया था। इसके बाद यात्रा को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिसके कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों से झड़प हो गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तोड़े बैरिकेड्स
इसके बाद, राहुल गांधी ने शहर के बाहरी इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया और उन्हें बब्बर शेर कहा, जो बैरिकेड्स को गिराने के लिए काफी मजबूत थे। उन्होंने कहा कि हमने बैरिकेड तोड़े हैं। लेकिन, हम कानून नहीं तोड़ेंगे। जवाब में, हिमंत बिस्वा सरमा ने 'नक्सली रणनीति' अपनाने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया और 'भीड़ को उकसाने' के लिए गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी।
इन धाराओं में दर्ज मुकदमा
पुलिस कर्मियों पर हमले के अनियंत्रित कृत्यों के संदर्भ में, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, कन्हैया कुमार और अन्य व्यक्तियों पर धारा 120(बी)143/147/188/283/353/332/333/427 आईपीसी आर/डब्ल्यू धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया या है।
With reference to wanton acts of violence, provocation , damage to public property and assault on police personnel today by Cong members , a FIR has been registered against Rahul Gandhi, KC Venugopal , Kanhaiya Kumar and other individuals under section…
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 23, 2024
राहुल ने सीएम हिमंत बिस्वा पर साधा निशाना
इसके अलावा, राहुल गांधी ने उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में बाधाएं पैदा करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर हमला बोला। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरमा के कदम से यात्रा को फायदा होगा और प्रचार मिलेगा।
पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने आगे कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। जब भी मैं राज्य में घूमता हूं, तो लोग मुझसे कहते हैं कि इस राज्य में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है, बड़े पैमाने पर महंगाई है, किसान संघर्ष कर रहे हैं और किसी भी युवा को नौकरी नहीं मिल सकती है। ये वे मुद्दे हैं जो हम उठा रहे हैं।
#WATCH | Replying to a question about "Ram Leher", Congress leader Rahul Gandhi says, "There is no Leher. There is nothing as such. It is BJPs political program...But we have our clarity- five pillars of justice to strengthen the country..." pic.twitter.com/4Xq7ZvAi58
— ANI (@ANI) January 23, 2024
'राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा बीजेपी का राजनीतिक कार्यक्रम', राहुल
कांग्रेस नेता ने प्रतिष्ठा समारोह को बीजेपी का 'राजनीतिक कार्यक्रम' करार दिया। उन सुझावों को खारिज कर दिया कि इससे लोगों के बीच कोई 'राम लहर' पैदा हुई है। मीडिया ने कांग्रेस नेता से पूछा कि अयोध्या में हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का असम में जिन जगहों पर वह जा रहे हैं, उन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? रिपोर्टर ने पूछा कि जगह-जगह लोग 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे हैं। कांग्रेस ने राम लहर के लिए क्या योजना बनाई है, इस सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है कि कोई लहर है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि यह बीजेपी का राजनीतिक कार्यक्रम था। लेकिन, हमारे पास अपनी स्पष्टता है।देश को मजबूत बनाने के लिए न्याय के 5 स्तंभ (भागीदारी, युवाओं, मजदूरों, महिलाओं, किसानों ) हैं। यही हमारा प्लान है, उसी पर काम कर रहे हैं। हम आने वाले दिनों में अपनी योजना देश के सामने रखेंगे। हम युवाओं, किसानों और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए अपना रोडमैप जारी करेंगे।












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