अगर टैक्स में छूट की जरूरत है तो टेस्ला को 'वोकल फॉर लोकल' बनना होगा
नई दिल्ली, 4 फरवरी: अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन और क्लीन एनर्जी कंपनी टेस्ला इंक का लेकर वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बयान दिया है। अधिकारी ने कहा कि टेस्ला का भारत में स्वागत है, अगर वे लोकल मैन्युफैक्चरिंग, एसम्बलिंग और सोर्सिंग नॉर्म्स के लिए प्रतिबद्ध हैं तो।
Recommended Video

वित्त मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक अगर टेस्ला या अन्य फर्मों को इलेक्ट्रिक वाहन के लिए रियायती टैक्स रेट स्ट्रक्चर की जरूरत है तो उन्हें कुछ लोकल मैन्युफैक्चरिंग, एसम्बलिंग और सोर्सिंग करने की प्रतिबद्धता देनी होगी।वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि निवेश पहले से ही मौजूदा टैरिफ ढांचे के साथ आ रहा है और अन्य विदेशी कंपनियां अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को मौजूदा टैरिफ ढांचे के साथ बेच रही हैं। वर्तमान टैरिफ संरचना के साथ अन्य लोगों के लिए भी मार्ग खुला है।
टेस्ला केचीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एलोन मस्क ने भारत से टैक्स को कम करने का अनुरोध किया है और कंपनी को प्रतिस्पर्धी मूल्य पर पहले कहीं और निर्मित वाहनों को बेचने की अनुमति दी है। भारत में पूरी तरह से निर्मित यूनिट (सीबीयू) वाहनों पर आयात शुल्क 25 से 100 प्रतिशत है।
दिल्ली में पिछले साल सितंबर में टेस्ला के अधिकारियों को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की इमारत पास लाल टेस्ला मॉडल 3 कार चलाते हुए देखा गया था। टेस्ला के अधिकारियों ने अपनी भारत की व्यावसायिक योजनाओं पर चर्चा करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी।












Click it and Unblock the Notifications