फारूक अब्दुल्ला ने राजनाथ के विभाजन वाले बयान का किया समर्थन, कहा- भारतीय मुसलमान इसकी वजह से पीड़ित हैं
नई दिल्ली, 13 दिसंबर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को भारत के विभाजन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों का समर्थन किया और जोर देकर कहा कि इसे टाला जा सकता था। फारुख अब्दुल्ला ने कहा भारत के मुसलमान विभाजन के कारण पीड़ित हैं और भारत और पाकिस्तान के बीच की कड़वाहट धार्मिक तनाव को बढ़ाती है।
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मैं राजनाथ सिंह से सहमत हूं कि...
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए ये बात फारुख ने कही। उन्होंने कहा ने कहा मैं राजनाथ सिंह से सहमत हूं कि भारत का विभाजन एक ऐतिहासिक गलती थी। भारतीय मुसलमान इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा, भारत-पाक की लड़ाई धार्मिक तनाव को बढ़ाती है। इसे टाला जा सकता था अगर यह केवल एक राष्ट्र होता।
पाकिस्तान तब से भारत के खिलाफ छद्म युद्ध में संलग्न है
बता दें राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट पर स्वर्णिम विजय पर्व के उद्घाटन पर बोलते हुए रविवार को राजनाथ सिंह ने कहा था कि 1971 का युद्ध भारत के विभाजन की याद दिलाता है। कल राजनाथ सिंह ने कहा कि 1971 का युद्ध एक अनुस्मारक था कि धार्मिक आधार पर भारत का विभाजन एक ऐतिहासिक गलती था, और यह कि पाकिस्तान तब से भारत के खिलाफ छद्म युद्ध में संलग्न है।
भारत का विभाजन एक ऐतिहासिक गलती थी
1971 के युद्ध के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश मित्रता में भारत की जीत के 50 साल पूरे होने पर, राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध ने "संयुक्तता" के महत्व को भी प्रदर्शित किया। भारत के सशस्त्र बल, जिनकी ओर सरकार अभी काम कर रही। राजनाथ सिंह ने कहा 1971 का युद्ध हमें बताता है कि धर्म के आधार पर भारत का विभाजन एक ऐतिहासिक गलती थी। पाकिस्तान का जन्म एक धर्म के नाम पर हुआ लेकिन वह एक नहीं रह सका। 1971 की हार के बाद हमारा पड़ोसी देश भारत में लगातार छद्म युद्ध छेड़ रहा है।












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